देर शाम तक पानी से निकाला गया शव, मगरमच्छ नहीं दिए दिखाई
संवाद न्यूज एजेंसी
जखौरा (ललितपुर)। मगरमच्छ से बकरी को बचाने के प्रयास में एक बुजुर्ग की मौत हो गई। वह तालाब के किनारे बकरी चरा रहा था। तभी उसने देखा की तालाब से एक मगरमच्छ आया और बकरी पर हमला कर दिया। इससे पहले कि वह बकरी का बचा पाता, कि तालाब से निकले दूसरे मगरमच्छ ने उसपर हमला कर उसे तालाब में खींच लिया। वन विभाग ने तालाब का पानी खाली कराकर बुजुर्ग का शव बरामद किया है। हालांकि उसके शरीर पर मगरमच्छ के जबड़े व दांतों के निशान दिखाई नहीं दे रहे हैं।
थाना जखौरा अंतर्गत ग्राम धर्मपुरा के मजरा (बाजनों) में शुक्रवार को सुबह 11 बजे के करीब रगवीर पाल (60) निवासी धर्मपुरा तालाब किनारे अपनी बकरियां चरा रहा था। तभी तालाब से निकले एक मगरमच्छ ने उसकी बकरी का शिकार बना लिया। थोड़ी ही देर में रगवीर पाल कुछ समझ पाता तभी अचानक तालाब से निकले दूसरे मगरमच्छ ने रगवीर को अपना शिकार बना लिया। तभी वहां गांव की ही एक महिला सुकन अपने जानवरों को चरा रही थी। जैसे ही उसने इस घटना को देखा तो देखते ही उसने चिल्लाना शुरू कर दिया, आसपास खेतों पर काम कर रहे लोग मौके पर पहुंचे और उन्होंने इसकी सूचना रगवीर के परिजनों को दी, मौके पर पहुंचे परिजनों ने घटना की सूचना जखौरा पुलिस एवं वन विभाग को दी, पुलिस और वन विभाग की टीम ने रगवीर की काफी खोजबीन की लेकिन तालाब में काफी पानी होने के कारण रगवीर का कोई पता नहीं चला। तालाब के पानी को निकालने के लिए एलएनटी मशीन से तालाब के बंध को तोड़कर पानी को निकाला गया।
तालाब का पानी कम होने पर किनारे पानी में डूबा कुल्हाड़ी का बैट दिखाई दिया। जब पानी और कम हुआ तो लोगों को रगवीर का शव दिखाई दिया जिसे लोगों ने तालाब से बाहर निकाला। मौके पर पुलिस और वन विभाग की टीम मौजूद थी, पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। साथ ही वन विभाग की टीम ने बकरी के शव को तालाब से बाहर निकाल कर उसके सीलकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। हालांकि रगवीर के शरीर पर मगरमच्छ के दांतों व जबड़ों के गहरे घाव दिखाई नहीं दिए। मौके पर डीएफओ गौतम सिंह, मनोज कुमार वन क्षेत्रीय अधिकारी जखौरा, अनामिका फारस्टगार्ड, मनोज कुमार वन दरोगा, फूल सिंह सहित वन विभाग एवं जखौरा पुलिस मौजूद रहीं।
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गांव के लोग मगरमच्छ के हमले की बात कर रहे हैं, बकरी को देखकर मगरमच्छ का हमला दिखाई दे रहा है। लेकिन रगवीर के शरीर पर कोई गहरा घाव मगरमच्छ का दिखाई दिया। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
गौतम सिंह, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी।