जिलाधिकारी आवास व कलेक्ट्रेट को जाने वाली सड़क
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ललितपुर। जिला मुख्यालय पर अधिकारियों के बंगलों की सड़कें तो चकाचक हैं, लेकिन जनता को सड़कों पर हिचक ोले खाकर चलना पड़ रहा है। ऐसी ही स्थिति शहर के सदनशाह चौराहे से सिद्दन मंदिर होकर देेवगढ़ बाईपास मार्ग की बनी हुई है। यहां से चार पहिया वाहन तो दूर दो पहिया वाहन से सफर करने पर भी गिरने का भय बना रहता है। इसके बाद भी अधिकारी अनदेखा कर रहे हैं।
प्रदेश सरकार भले ही गड्ढा मुक्त सड़क का दावा कर रही हो, लेकिन जिम्मेदारों की अनदेखी की चलते कई सड़कों स्थिति जर्जर बनी हुई हैं। ऐसी ही स्थिति शहर के सदनशान से चौराहे से सिद्दन मंदिर होकर देवगढ़ बाइपास मार्ग की बनी हुई है। यहां पर सड़क में जगह-जगह बड़े गड्ढे हो गए हैं। सड़कों की गिट्टी उखड़ गई है। मरम्मत के अभाव में छोटे गड्ढे भी बड़े होते जा रहे हैं।
भारी वाहनों के निकलने पर धूल के गुबार उड़ रहे
बीते माहों में डाली गई मिट्टी से सड़क पर भारी वाहनों के निकलने पर धूल के गुबार उड़ रहे हैं। लोगों को दो पहिया वाहन तक निकालने में दिक्कत हो रही है। कई बार तो लोगों केे वाहन पर सफर करते समय गड्ढों से कमर में दर्द शुरू हो जाता है। वहीं कई दो पहिया वाहन से महिला सवारियां गिरकर चुटहिल हो गईं है। भारी वाहनों के निकलने पर धूल के गुबार उड़ रहे हैं। इससे पीछे आने वाले राहगीरों को वाहन चलाना मुश्किल हो जाता है। सड़क के आसपास के लोगों को दिन भर धूल के गुबार खाने पड़ रहे हैं। इससे लोग बीमार होने का खतरा बना हुआ है। बच्चों व वृद्धों को श्वांस की बीमारी होने का खतरा बना रहता है। धूल के कारण कई वाहन चालक सड़कों पर ही खड़े हो जाते हैं। इसके बाद भी विभागीय अधिकारी अनदेखी कर रहे हैं, जिससे लोगों को आवागमन में दिक्कत हो रही है।
अधिकारियों के आवास के पास तो रोज हो रही साफ-सफाई
अधिकारियों के आवासों की सड़कें साफ- सुथरी और चकाचक हैं। बंगलों के मार्गों पर प्रतिदिन सफाई की जा रही है। कचरा का भी प्रतिदिन उठान हो रहा है। छोटा सा गड्ढ़ा होने पर शीघ्र ही गड्ढों को दुरुस्त किया जाता है। वहीं, आम जनता की सड़कों की हालत कई वर्षों तक जर्जर बनी रहतीं है। इसके बाद भी अधिकारी सुध नहीं ले रहे हैं। इससे अधिकारियों व आम जनता को मिलने वाली सुविधाओं का अंदाजा लगाया जा सकता है।
खस्ताहाल में पड़ी आम जनता के चलने वाली सड़क- फोटो : LALITPUR