तहसील अंतर्गत ग्राम भैरा में मंगलवार को डीएम ललितपुर मानवेंद्र सिंह की अध्यक्षता में जन चौपाल का आयोजन किया गया। इस दौरान डीएम ने ग्रामीणों से गांव में विकास संबंधी विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की और संबंधित अधिकारी से जानकारी ली। अनियमितताएं पाए जाने पर किसी को स्थिति में सुधार लाने के निर्देश दिए तो वही एक ग्राम पंचायत अधिकारी को निलंबित कर दिया।
चौपाल में सर्वप्रथम डीएम ने आंगनबाड़ी केंद्र की सहायिका व सुपरवाइजर से ग्राम में वितरित होने वाले पोषाहार की जानकारी ली। ग्रामीणों द्वारा पोषाहार वितरण व्यवस्था पर संतुष्टि जताई गई। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि से कब्रिस्तान, मरघट, खेल के मैदान आदि सरकारी जमीनों पर कब्जा की जानकारी दी गई। जिस पर डीएम ने एसडीएम महरौनी को 15 दिन के भीतर सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराने के निर्देश दिए। सरकारी राशन की दुकान पर मिलने बाले खाद्यान्न की जानकारी ली गई तो ग्रामीणों ने बताया कि राशन वितरण तो ठीक तरीके से होता है। लेकिन कुछ अपात्रों को इसका लाभ मिल रहा है। डीएम ने जांच कराके अपात्रों के नाम सूची से हटवाने की बात कही। ग्रामीणों ने जानकारी दी कि गांव में महज 10 घंटा बिजली ही मिल रही है और अभी छह दिन से बिजली नहीं आ रही है, जिससे ग्रामीण परेशान हो रहे है। डीएम को बताया गया कि गांव में कुल कुल 6 कनेक्शनधारक हैं जिस पर जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग द्वारा गांव में शिविर लगाकर सभी ग्रामीणों को मुफ्त कनेक्शन दिलाने की बात कही। इसके बाद जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायत अधिकारी से ग्रामीणों को मिलने वाली सरकारी योजनाओं, जिनमें विधवा पेंशन, विकलांग पेंशन, समाजवादी पेंशन, मजदूरी जाँबकार्ड आदि की जानकारी ली तो बताया गया कि कुल 15 लोगों को ही पेंशन का लाभ मिल रहा है।
डीएम ने बताया कि आगामी सितंबर माह में विकलांग के लिए एक कैंप का आयोजन किया जायेगा, जिसमें सभी विकलांग अपने प्रमाण पत्र बनवा सकते है। ग्राम पंचायत अधिकारी कमलेश कुमार द्वारा सही सही जानकारी न देने और कार्य के प्रति उदासीनता बरतने पर डीएम ने उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है। गांव की पेयजल व्यवस्था के बारे में जानकारी ली गई तो बताया गया कि गांव में कुल 65 हैंडपंप लगे हैं, लेकिन केवल 3 में ही पानी आ रहा है, शेष सभी रीबोर होना है। डीएम ने नायब तहसीलदार से हैंडपंपों का निरीक्षण कर शीघ्र आख्या देने के निर्देश दिए। एक ग्रामीण द्वारा शिकायत की गई कि गांव में मध्यप्रदेश की अवैध शराब बेची जाती है, जिसमें गांव के 10 लोग शामिल है। गांव में जुआं के फड़ का भी शिकायत की गई। जिसपर डीएम ने पुलिस को इन पर सख्तीपूर्वक अंकुश लगाने के निर्देश दिए। ग्रामीणों ने बताया गया कि गांव मे एक भी शौचालय नही है, सिर्फ कागजो मै शौचालय बने है, पैसा नही मिलता है इसलिए नहीं बनाये गए हैं। डीएम ने ग्रामीणों से कहा कि जो शौचालय बनवाने में सक्षम हो वह शौचालय अवश्य बनवाए। डीएम ने सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को अवगत कराया कि एक माह बाद पुन: इसी गांव का निरीक्षण होगा और प्रगति देखी जायेगी। चौपाल में एसडीएम देवेन्द्र पाल सिंह,जिला सूचना अधिकारी चन्द्रचूड दुबे, तहसीलदार सुशील कुमार दुबे, नायब तहसीलदार मनोज कुमार सरोज, एडीओ पंचायत पीएन तिवारी, चिकित्सा अधीक्षक डा आरके वर्मा, कानूनगो मनोज कुमार पांडेय सहित ग्राम भैरा के संबंधित सभी विभागों के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।