जिलाधिकारी ने मंगलवार अपराह्न में महरौनी पहुंचकर तहसील का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सार्वजनिक स्थानों से अवैध कब्जा हटाने के निर्देश दिए।
डीएम सर्वप्रथम उपजिलाधिकारी कक्ष में पहुंचे, इसके उपरांत उन्होंने एसडीएम देवेंद्र पाल के साथ तहसील के विभिन्न कक्षों/पटलों का निरीक्षण किया।
नायब तहसीलदार महरौनी के कक्ष में पहुंचकर जानकारी प्राप्त की। इसके साथ ही राजस्व अभिलेखागार का भी निरीक्षण किया। कर्मचारियों के बारे में जानकारी प्राप्त करने के साथ ही अभिलेखागार में स्थापित अग्निशमन यंत्र को देखा। इसके उपरांत डीएम तहसील परिसर में तहसील के कर्मचारियों के निवास के लिए बनाये गये आवासीय परिसर का निरीक्षण किया और परिसर में निवास करने वाले कर्मचारियों के बारे में पूछताछ की। इसके उपरांत जिलाधिकारी उप निबंधक कार्यालय का निरीक्षण करने पहुंचे, जानकारी करने पर ज्ञात हुआ कि उप निबंधक का पद पिछले तीन वर्षों से रिक्त चल रहा है तथा प्रभारी उप निबंधक के रूप में मोतीलाल द्वारा दैनिक कार्य संपादित किये जा रहे हैं, जो मौके पर मौजूद मिले। जिलाधिकारी ने तहसील परिसर में स्थापित स्वान केंद्र, प्रशासनिक अधिकारी कक्ष का निरीक्षण करने के उपरांत तहसीलदार के न्यायालय कक्ष में पहुंचे तथा मौके पर मौजूद कर्मचारियों से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने तहसीलदार के बैठने के कक्ष, नायब नाजिर कक्ष का निरीक्षण करने के साथ ही चकबंदी अधिकारी महरौनी के कार्यालय का भी निरीक्षण किया।
डीएम को अवगत कराया गया कि वर्तमान में 12 गांवों में चकबंदी चल रही है। कुछ गांवों में 2003-04 से चकबंदी चल रही है। डीएम ने इसका विस्तृत विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। तहसील परिसर में जनता से मुलाकात के दौरान लोगों द्वारा अवगत कराया गया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत महरौनी से सौजना, महरौनी से नाराहट तथा महरौनी से निवारी के मार्ग खराब हैं, जिनकी मरम्मत कराया जाना आवश्यक है। फरियादियों द्वारा अपनी शिकायतें भी लिखित रूप में जिलाधिकारी को प्रस्तुत की गई। शिकायतों पर सुनवाई करते हुए जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी महरौनी को मौके पर पहुंचकर शिकायत का निस्तारण करने के आदेश दिये। जिलाधिकारी ने एसडीएम न्यायालय का निरीक्षण करने के साथ ही उप जिलाधिकारी महरौनी को सार्वजनिक स्थानों से अवैध कब्जों को हटाने के साथ ही कब्जाधारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए।
महरौनी तहसील के कर्मचारियों के सेवा अभिलेखों का निरीक्षण करने के साथ ही उप जिलाधिकारी महरौनी से कोर्ट में पुराने लंबित वादों की जानकारी प्राप्त की, साथ ही समस्त सूचनायें अपडेट करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने भी निर्देश दिया कि विभिन्न संदर्भों से प्राप्त होने वाली शिकायतों के लिए अलग-अलग रजिस्टर बनाये जाएं। उन्होंने आयुक्त, मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी एवं आईजीआरसी पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों एवं उनके निस्तारण की भी समीक्षा की तथा शिकायत पंजिकाओं का अवलोकन किया।