ललितपुर। परिषदीय विद्यालयों के शैक्षिक स्तर में सुधार लाने के उद्देश्य से लागू किए गए ‘प्रेरणा’ एप का विरोध शिक्षक तो कर ही रहे हैं, जिले के अधिकारी भी इस मामले में उदासीन बने हुए हैं। जिला व ब्लाकस्तरीय टास्क फोर्स ने इसे अपने हॉल पर छोड़ दिया है। ऐसे में तमाम स्कूलों में बच्चे पौष्टिक आहार से वंचित हो रहे हैं।
जिले के परिषदीय, राजकीय और सहायता प्राप्त विद्यालयों में कक्षा एक से आठ तक के बच्चों को मध्याह्न भोजन परोसा जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम प्रधान व अध्यापक इसका वितरण कराते हैं। शहर में सभासद व अध्यापकों को इसका जिम्मा है। तमाम विद्यालयों में या तो मेन्यू के आधार पर बच्चों को भोजन, फल व दूध वितरित नहीं किया जा रहा है या फिर उनकी पौष्टिकता नहीं है।
शासन ने मध्याह्न भोजन योजना में गड़बड़ी पर अंकुश लगाने की जिम्मेदारी जिला और ब्लाक स्तरीय टास्क फोर्स को दे रखी है। जब से प्रेरणा एप प्रदेश के स्कूलों में लागू हुआ है, तब से जिला एवं ब्लाक स्तरीय अधिकारियों ने स्कूलों के निरीक्षण से दूरियां बना ली हैं। कुछेक अफसर ही स्कूलों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे जिम्मेदारों को मनमानी का पूरा अवसर मिल रहा है। कई स्कूलों में इस मद की धनराशि का बंदरबाट हो रहा है। ऐसे में जिला एवं ब्लाकस्तरीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। लोगों का कहना है कि प्रेरणा एप का विरोध शिक्षक ही कर रहे हैं, लेकिन इसकी आड़ में जिम्मेदार अपने दायित्वों से पीछे हटते दिखाई दे रहे हैं।
इसे ध्यान में हटकर मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार पांडेय ने जिले के दस अधिकारियों को प्रेरणा तकनीकी फ्रेमवर्क पर निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को लिखे पत्र में अवगत कराया है कि विद्यालयों के निरीक्षण ऑनलाइन प्रेरणा एप के माध्यम से किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। ऑनलाइन प्रेरणा एप के माध्यम से निरीक्षण के लिए मोबाइल नंबर, पदनाम, ई मेल, आईडी बीएसए कार्यालय में उपलब्ध करा दें, जिससे मोबाइल नंबर प्रेरणा एप पर रजिस्टर कराया जा सके। जनपद व ब्लाक स्तरीय टास्क फोर्स के सदस्यों को प्रेरणा एप के माध्यम से पांच- पांच विद्यालयों के निरीक्षण करने हैं, साथ ही निरीक्षण आख्याएं प्रेरणा एप प्रणाली पर अपलोड की जानी हैं। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में प्रेरणा एप के माध्यम से किए गए निरीक्षण की समीक्षा की जाएगी। कुछ अधिकारियों ने प्रेरणा एप पर मोबाइल नंबर रजिस्टर कराने के लिए बीएसए कार्यालय में संपर्क किया है, लेकिन अधिकांश अधिकारी अभी भी उदासीन बने हुए हैं। इससे शासन की मंशा पर पानी फिर रहा है।
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‘प्रेरणा’ एप के माध्यम से स्कूलों के निरीक्षण टास्क फोर्स के सदस्यों द्वारा किए जाने हैं। इस संबंध में अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। सीडीओ के माध्यम से एक पत्र भी निर्गत किया जा चुका है।
- मनोज कुमार वर्मा, बीएसए