शासनादेश के अनुसार सरकारी कार्यालयों में सुबह नौ से ग्यारह बजे तक जनसुनवाई का समय निर्धारित किया गया है। लेकिन अधिकांश सरकारी कार्यालय सुबह नौ बजे खुल तो जाते हैं, लेकिन अधिकारी समय से कार्यालय नहीं पहुंचते, जिससे शासन की मंशानुसार जनसुनवाई में देरी होती है। यहां तक कि डीएम कार्यालय से भी उक्त समय में अधिकारियों के कार्यालय के बेसिक दूरभाष पर संपर्क के बाद भी फोन नहीं उठाया जा रहा है, जिसके चलते डीएम ने सरकारी कार्यालयों में जनसुनवाई को गति देने के लिए यह आदेश जारी किए हैं।
डीएम ने सभी सरकारी कार्यालयों को दिए निर्देश में कहा गया है कि कई अधिकारी फोन उठाना तो दूर कार्यालयों में उपस्थित होकर जनता की शिकायतों की सुनवाई नहीं कर रहे हैं। जबकि शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में कार्यालय में समय उपस्थिति भी एक बिंदु है, किन्तु बार-बार लिखित एवं मौखिक निर्देश देने के बावजूद कुछ अधिकारी समय से कार्यालय में उपस्थित होकर जनता की समस्याओं का निदान नहीं कर रहे हैं। यह स्थिति अत्यंत ही आपत्तिजनक और शासन की मंशा के प्रतिकूल है। इसके चलते जनपद के समस्त अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वह अपने बेसिक फोन चालू रखें और सुबह 09 बजे से सुबह 11 बजे के मध्य अनिवार्य रूप से प्रथम रिंग पर ही फोन रिसीव किया जाए। जनपद के समस्त अधिकारियों से अपेक्षा की गई है कि शासन की मंशानुरूप सुबह नौ बजे से सुबह 11 बजे के मध्य अनिवार्य रूप से कार्यालय में बैठकर जनता की समस्याओं को सुनकर उनका निदान सुनिश्चित कराएं। आगे बताया गया कि भविष्य में यदि किसी अधिकारी द्वारा कार्यालय में समय से न पहुंचने व शिकायतों के निस्तारण में संजीदगी न प्रदर्शित करने पर यह समझा जाएगा कि वह शासन की अपेक्षाओं पर खरे नहीं है। जिसके बाद उत्तरदायी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करना डीएम की बाध्यता होगी।