ललितपुर। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय के स्टाफ को नवीनीकरण के बाद भी इस शैक्षिक सत्र में वेतन नसीब नहीं हो सका है। इससे उनके सामने रक्षाबंधन मनाने का संकट खड़ा हो गया है। लेकिन विभागीय अफसर मौन बने हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों की निर्धन बालिकाओं को नि:शुल्क आवासीय शिक्षा मुहैया कराने के मकसद से कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की स्थापना की गई है। जिले के प्रत्येक विकासखंड में संचालित आवासीय विद्यालयों में 15 कर्मियों का स्टाफ है। शैक्षिक सत्र की शुरुआत से ही आवासीय विद्यालयों के कर्मियों को एक के बाद एक परेशानी झेलनी पड़ रही है। पहले नवीनीकरण का मामला महीनों अटका रहा।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार राय ने इस मामले को सुलझा लिया है। लेकिन, वेतन की समस्या अभी भी बनी हुई है। मार्च माह से किन्हीं कारणों के चलते वेतन अटका हुआ है। इसकी स्थिति स्पष्ट नहीं होने से आवासीय कर्मियों में असंतोष पनप रहा है। वर्तमान में कई कर्मी वेतन के अभाव में उधारी से काम चला रहे हैं। अब तो रक्षाबंधन पर्व मनाने की समस्या आ खड़ी हुई है।
बजट का आवंटन लेट प्राप्त हुआ है। जिस वजह से वेतन निर्गत करने में देरी हुई है। मार्च से जून माह तक का वेतन स्वीकृत कर दिया गया है। जिसे बैंक खातों में पहुंचाया जा रहा है।
- संतोष कुमार राय, बीएसए ललितपुर।
वेतन नहीं मिलने से अध्यापकों में रोष
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ की बैठक में रक्षाबंधन त्योहार के पहले वेतन नहीं दिए जाने पर रोष प्रकट किया गया। वक्ताओं ने कहा कि अध्यापकों को समय से वेतन नहीं दिया जा रहा है। बैठक में इमरत लाल अहिरवार, प्रेमशंकर पांडेय, अरुण सिंह, आशीष वर्मा, शैलेंद्र जैन, विवेक त्रिपाठी, संजय मिश्रा, सतेंद्र सिंघई, केएल चौधरी, राहुल जैन, अरविंद, मुहम्मद अली, अवरारुद्दीन, दिनेश चौरसिया आदि उपस्थित रहे।