ललितपुर। परिवहन आयुक्त के निर्देश पर जिलाधिकारी ने बुधवार को सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय में छापा मारा, जिससे हड़कंप मच गया। मौके से भाग रहे दो दलालों को पकड़ लिया गया। उनके खिलाफ शांतिभंग का मुकदमा दर्ज कराया गया।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय में बुधवार की सुबह साढ़े दस बजे जिलाधिकारी डा.रूपेश कुमार ने उपजिलाधिकारी सदर रमेश चंद्र तिवारी के साथ छापा मारा। इससे अधिकारियों व बाबुओं में हड़कंप मच गया। जिलाधिकारी ने एआरटीओ परिसर में पहुंचते ही सबसे पहले बाउंड्री वाला गेट बंद करा दिया। इस दौरान कार्यालय में मौजूद दलालों में भगदड़ मच गई। कुछ दलाल तो बाउंड्री वॉल फांदकर भागने लगे।
जिस पर जिलाधिकारी के आदेश पर पुलिस कर्मियों व गार्ड ने बाउंड्री वॉल कूद कर भाग रहे दो दलालों को पकड़ लिया। भागने के दौरान इनमें से एक दलाल का मोबाइल फोन भी गिर गया, जिसे उपजिलाधिकारी ने अपने कब्जे में ले लिया।
इसके बाद जिलाधिकारी एआरटीओ कार्यालय में पहुंचे और विभिन्न पटलों का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यालय में मौजूद एआरटीओ प्रशासन सतेंद्र कुमार से पटलों पर कार्य करने की प्रणाली भी समझी। हालांकि पटलों पर सभी बाबू कार्य करते मिले और पहले से ज्यादा अनुशासन में भी दिखे। फिर वह सीधे एआरटीओ के ऑफिस में पहुंचे और विभिन्न अभिलेखों का परीक्षण किया। जानकारी मिलने पर एआरटीओ प्रवर्तन सोमलता यादव भी कार्यालय पहुंच गईं। जिलाधिकारी ने प्रवर्तन और प्रशासन संबंधी विभिन्न पत्रावलियों की जांच भी की। उन्होंने एआरटीओ से पत्रावलियों का रखरखाव ठीक नहीं मिलने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने पत्रावलियों की अलमारी भी देखी।
उन्होंने रिकॉर्ड व कंप्यूटर रूम का निरीक्षण कर कार्य प्रणाली को समझा। रिकॉर्ड रूम में धूल व गंदगी मिलने पर नाराजगी जताई। इसके बाद वह बायोमैट्रिक रूम भी गए, जहां लाइसेंस के लिए फोटो खिंचाने की प्रणाली जानी और खुद भी फोटो खिंचाने और बायोमैट्रिक परीक्षण का ट्रायल किया। उन्होंने जाते समय एआरटीओ कार्यालय से दलालों को दूर रखने के निर्देश दिए और पादर्शिता पूर्वक कार्य करने की चेतावनी दी।
बताया गया कि जिलाधिकारी द्वारा यह औचक निरीक्षण ट्रांसपोर्ट कमिश्नर के निर्देश पर किया गया है।
जिलाधिकारी के निर्देेश पर एआरटीओ सोमलता यादव ने दोनों दलालों एहसान पुत्र हफीज खान व दीपक सिंह पुत्र सुम्मेर सिंह निवासी तालाबपुरा के खिलाफ थाना कोतवाली में शांतिभंग की धारा में मुकदमा दर्ज करा दिया।
दलालों ने गिराई शटरें, मची भगदड़
एआरटीओ कार्यालय में जिलाधिकारी के छापा मार कार्रवाई को देखकर बाहर लगी दलालों की दुकानों की शटरें गिरना शुरू हो गईं। कई दलालों ने तो दुकानें बंद कर खेतों में ही दौड़ लगा दी।
दलालों के मोबाइल पर आई दर्जनों कॉल
उपजिलाधिकारी सदर रमेश चंद्र ने एआरटीओ कार्यालय में बाउंड्री फांदकर भाग रहे दलालों के मोबाइल फोन कब्जे ले लिए और आने वाली दर्जनों कॉल का परीक्षण किया। जिसके आधार पर दलालों पर शिकंजा कसने के लिए कार्रवाई की गई।
पहुंचने में लगा समय
एआरटीओ कार्यालय में छापा मारने पहुंचे जिलाधिकारी डा.रुपेश कुमार की गाड़ी की रफ्तार भी कार्यालय जाने वाली नहर किनारे सड़क पर पहुंचते ही स्वत: धीमी हो गई। डीएम को एआरटीओ कार्यालय तक पहुंचने में काफी समय लगा।