ललितपुर। उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन ने नए उद्योगों को त्वरित गति से अधिक क्षमता के विद्युत भार स्वीकृत करने के लिए अब अधिशासी अभियंता को संयोजन देने का अधिकार दे दिया है। अब अधिशासी अभियंता स्तर से ही तीन हजार किलोवाट तक के संयोजनों की स्वीकृति प्रदान की जा सकेगी।
औद्योगिक क्षेत्रों को बढ़ावा देकर उद्योगों को स्थापित कराने के लिए विद्युत भार स्वीकृत करने के लिए उत्तर प्रदेश पॉवर कॉर्पोरेशन ने अब विद्युत अफसरों के अधिकार में वृद्धि कर दी है। जनपद में अब तक औद्योगिक संस्थानों को अधिशासी अभियंता स्तर की समिति द्वारा मात्र 250 किलोवाट विद्युत संयोजन देने तक का ही अधिकार था, लेकिन अब पावर कार्पोरेशन द्वारा पूर्व के नियमों को समाप्त कर दिया गया है और विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता के अधिकार में वृद्धि करते हुए तीन हजार किलोवाट विद्युत भार तक के संयोजन दिए जाने का नया प्रावधान किया गया है। इसके लिए उप्र पावर कार्पोरेशन ने तीन सदस्यीय नई समिति का गठन कर दिया है, जिसमें अध्यक्ष अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड व सदस्य अधिशासी अभियंता ट्रांसमिशन एवं सहायक लेखाधिकारी को बनाया गया है। यह तीन सदस्यीय टीम उद्योगों के लिए अब तीन हजार किलोवाट तक के संयोजन आसानी से दे सकेगी।
औद्योगिक विद्युत भार की स्वीकृतियों की व्यवस्था में परिवर्तन करने से अब विद्युत संयोजन के लिए उपभोक्ताओं को परेशान नहीं होना होगा और न ही जिले से बाहर जाकर मुख्य अभियंता या अधीक्षण अभियंता कार्यालय के चक्कर काटने पड़ेंगे।
घरेलू संयोजन पुरानी प्रणाली से होंगे ललितपुर। विद्युत उपखंड अधिकारी व अवर अभियंता की संस्तुति के बाद अधिशासी अभियंता को 75 किलोवाट तक के संयोजन दिए जाने के अधिकार है, जबकि कॉमर्शियल संयोजन पर 25 किलोवाट तक अधिशासी अभियंता और घरेलू संयोजनों पर 10 किलोवाट तक के कनेक्शन देने का अधिकार उस क्षेत्र के बिजली उपघर के उपखंड अधिकारी को है। यानि, घरेलू संयोजन पुरानी प्रणाली के आधार पर ही होंगे।