नगरीय सीमा का तेजी से विस्तार हो रहा है, इससे नगर पालिका के सामने काम का दबाव बढ़ता जा रहा है। देवगढ़ रोड, झांसी रोड, सागर रोड, एआरटीओ रोड, राजघाट रोड, सिद्धन रोड के किनारों पर तेजी से कालोनियां बनती जा रही हैं तथा रामनगर, नेहरू नगर, आजादपुरा, लेड़ियापुरा, पटेल नगर, शांति नगर, रावतयाना आदि में खाली पड़े प्लाट भवन में तब्दील होते जा रहे हैं। भवनों की संख्या में वृद्धि होने से नगर पालिका को गृहकर में बढ़ोत्तरी होगी।
नगर के बढ़ते आकार को देखते हुए नगर पालिका भी हाईटेक होने जा रही है। इसके अंतर्गत अब ऑन लाइन डाटा फीड किया जाएगा, जिसमें जन्म प्रमाण, मृत्यु प्रमाण, दुकानों का किराया, गरीबी रेखा की सूची सहित गृहकर को आनलाइन जमा किया जा सकेगा। इसके लिए एकल खिड़की खोली जाएगी। कर्मचारियों को कंप्यूटर में दक्ष करने के लिए शहरी विकास मंत्रालय भारत सरकार के तत्वावधान में राज्य स्तरीय सीसीबीपी (कम्प्रीहैंसिव कैपिसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम) के अंतर्गत लखनऊ में प्रशिक्षण दिया गया। तीन अगस्त से सात अगस्त तक चले इस प्रशिक्षण में क्षेत्रीय नगर एवं पर्यावरण अध्ययन केंद्र के सहायक निदेशक अजीत मिश्रा सहित अन्य कंप्यूटर के दक्ष लोगों ने विस्तार से कंप्यूटर पर काम करने की जानकारी दी। इसमें बुंदेलखंड क्षेत्र की 10 नगर पालिकाओं और 16 नगर पंचायत के कुल 30 कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया। नगर पालिका की ओर से वरिष्ठ निर्माण लिपिक हबीब खान व कनिष्ठ लिपिक सुधीर कुमार रावत के अलावा महरौनी, पाली और तालबेहट नगर पंचायत से एक-एक कर्मचारी ने भाग लिया।