अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। जनपद में वाइल्ड लाइफ की उपलब्धता को देखते हुए इसके एक बड़े भाग को पन्ना रिजर्व की जगह बनने वाले इंटीग्रेटेड लैंडस्केप मैनेजमेंट प्लान (आईएलएमपी) नेशनल पार्क में शामिल करने की मंजूरी भारत सरकार से मिल गई है। मध्य प्रदेश के आठ व उत्तर प्रदेश के तीन जनपद इसमें शामिल किए गए हैं।
भारत सरकार ने पन्ना टाइगर रिजर्व को आईएलएमपी नेशनल पार्क में मर्ज करने की अनुमति दे दी है। एक साल पूर्व यह प्रोजेक्ट मध्य प्रदेश सरकार ने बनाया था, जिसमें मध्य प्रदेश के आठ जिले पन्ना, छतरपुर, दमोह, कटनी, सतना, रीवा, सागर व नरसिंहपुर शामिल किए गए हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश के तीन जिले चित्रकूट, बांदा व ललितपुर को शामिल किया गया है। इस नेशनल पार्क में जानवरों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाएगा। नेशनल पार्क में जनपद के मड़ावरा और गौना के जंगलों को शामिल किया गया है। इन जंगलों में हाल में चीता देखा गया था। ट्रैप कैमरे में एक नर व एक मादा की तस्वीरें कैद हो चुकी हैं। एक बार ही नहीं, इन्हें दो बार मड़ावरा के जंगलों में देखा गया है। रिजर्व फॉरेस्ट में इसे शामिल करने का प्रस्ताव वन विभाग ने शासन स्तर पर भेजा था, लेकिन इस प्रस्ताव के मंजूरी के पहले ही भारत सरकार ने टाइगर नेशनल पार्क का हिस्सा जनपद को बना लिया है।
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केन-बेतवा योजना के साथ ही तैयार हुआ था प्रोजेक्ट
बुंदेलखंड में नदियों को जोड़ने वाली परियोजना केन-बेतवा पर कार्य प्रारंभ हो गया है। एक परियोजना के तहत पन्ना टाइगर रिजर्व के बीचों-बीच एक बांध को केन नदी पर बनाने का प्रस्ताव किया गया था, इससे पन्ना टाइगर रिजर्व में रहने वाले जानवरों के आसपास के जंगलों में पलायन करने की संभावना थी। चीता व अन्य जानवरों की सुरक्षा के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने इंटीग्रेटेड लैंडस्केप मैनेजमेंट प्लान नाम से नेशनल पार्क की योजना बनाई थी।
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ललितपुर रेंज के देवगढ़ को शामिल करने की कवायद तेज
10 वर्ष पूर्व जब इस नेशनल पार्क का सर्वे किया गया था, तब मड़ावरा व गौना रेंज के साथ ही ललितपुर रेंज के देवगढ़ वन क्षेत्र को भी शामिल किया गया था। इसमें महावीर सैंक्चुअरी का क्षेत्र भी शामिल था। लेकिन, वर्तमान में जिस प्रोजेक्ट को मंजूरी मिली है, उसमें देवगढ़ का वन क्षेत्र नहीं है। वन विभाग इस भूभाग को शामिल कराने के लिए प्रदेश स्तर से पत्राचार भारत सरकार से कर रहा है।
जनपद में वाइल्ड लाइफ की स्थिति
प्रजाति - नर - मादा - बच्चे - योग
तेंदुआ- 4 - 5 - 2- 11
चिंकारा - 60 - 45- 20 -125 शूकर हिरन - 24 - 18 - 65 - 107 चौसिंघा - 27 - 44 - 00 - 71 वनरोज - 425 - 347 - 57 - 1347
सांभर- 20 - 24- 09- 53
चीतल - 85 - 151 - 34- 270
बारासिंघा- 18 - 22 -15- 55
जंगली सुअर -154- 159- 314- 627 भेड़िया - 96- 153- 245- 494
लकड़बग्घा- 112- 95- 136- 343 लोमड़ी - 214- 648- 123 -985
सियार - 482 -348- 524 -1354
माेर- 253- 354- 265- 872
वन गाय- 756- 235 - 68- 1059
जंगली बिल्ली - 233- 146- 325- 704
स्याही - 99- 120 - 221- 440
बिज्ज- 314- 123- 595- 1032
गोह- 495- 356- 190- 1041
पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र
अभी तक वाइल्ड लाइफ देखने के लिए सैलानी अन्य जनपदों के नेशनल पार्क में जाते थे, लेकिन नए नेशनल पार्क बनने से सैलानियों का जनपद में आगमन होगा। इससे वे जनपद के अन्य पर्यटन स्थलों पर जाएंगे।
जनपद का जंगल जल्द ही आईएलएमपी नेशनल पार्क का हिस्सा होगा। देवगढ़ का जंगल इससे बाहर कर दिया गया है। शासन स्तर से इसे शामिल कराने की कवायद चल रही है।-गौतम सिंह, प्रभागीय निदेशक, सामाजिक वानिकी।