ललितपुर। अब परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों को नियमित उपस्थिति देनी होगी। इस दौरान वे विभिन्न विभागीय कार्य निपटाएंगे। इतना ही नहीं, शिक्षकों को प्रत्येक विद्यालय का व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर अनिवार्य रूप से ऑनलाइन क्लास का संचालन करना होगा।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रामप्रवेश ने बताया कि अपर मुख्य सचिव उप्र शासन और महानिदेशक स्कूल शिक्षा लखनऊ द्वारा प्राप्त निर्देश और डीएम के आदेश पर परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत समस्त प्रधानाध्यापक/प्रभारी प्रधानाध्यापक व सहायक अध्यापक को विद्यालय में नियमित उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। वर्तमान में कायाकल्प के अंतर्गत ग्राम सचिव/ग्राम प्रधान से समन्वय स्थापित कर 14 बिंदुओं पर अवस्थापना और सुविधाओं को संतृप्त कराना है। गत वर्ष विद्यालय प्रबंध समितियों के बैंक खातों में निर्माण कार्यों की धनराशि, कंपोजिट ग्रांट, न्याय पंचायत स्तर वाले विद्यालयों में फर्नीचर, खेलकूद सामग्री के लिए उपलब्ध करायी गई थी, जिसका उपभोग प्रमाण पत्र अभी प्राप्त नहीं हुुआ है।
मध्याह्न भोजन योजनांतर्गत प्रेरणा पोर्टल में नामांकित छात्र-छात्राओं को खाद्यान्न और परिवर्तन लागत की प्रतिपूर्ति हेतु परिवर्तन लागत की धनराशि विद्यार्थियों के अभिभावकों के खातों में भेजे जाने के लिए प्रधानाध्यापक द्वारा प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय में नामांकित प्रत्येक विद्यार्थी के अभिभावक का नाम, बैंक खाता संख्या, बैंक का नाम, आईएफएससी कोड, उनका मोबाइल नंबर एवं आधार नंबर एकत्रित करने का शासनादेश का अनुपालन सुनिश्चित करेंगे। मध्याह्न भोजन योजनांतर्गत परिवर्तन लागत की प्रतिपूर्ति हेतु अभिभावकों के बैंक विवरण प्राप्त करते समय अभिभावकों के मोबाइल नंबर पर दीक्षा एप एवं आरोग्य सेतु एप डाउनलोड कराया जाए।
शारदा कार्यक्रम के अंतर्गत 5 से 14 वर्ष आयु वर्ग के आउट आफ स्कूल बच्चों का चिंह्नीकरण किया जाना है। उनका एक जुलाई को पंजीकरण एवं नामांकन ऑनलाइन कराते हुए विकासखंड की साप्ताहिक प्रगति से अवगत कराएंगे। डायस एवं यू-डायस के अंतर्गत डाटा कैप्चर फार्मेट की शत- प्रतिशत त्रुटि रहित फीडिंग कराना सुनिश्चित करें। सभी शिक्षकों द्वारा दीक्षा एप डाउनलोड कर रजिस्ट्रेशन करेंगे और टीचर ट्रेनिंग कोर्सेस को पूरा करेंगें। सभी शिक्षक कम से कम प्रत्येक दिन 10 अभिभावकों से संपर्क कर उनको दीक्षा एप डाउनलोड करने के लिए प्रेरित करेंगे। विद्यालय का व्हाटसएप ग्रुप अनिवार्य रूप से बनाकर ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन कराया जाएगा। विद्यालयवार बनाए गए व्हाट्सएप ग्रुप को विकासखंडवार एआरपी एवं जनपद स्तर पर एसआरजी ग्रुप से जोड़ा जाएगा, ताकि एसआरजी/ एआरपी ग्रुप में प्राप्त होने वाली शिक्षण सामग्री को विद्यालयों के ग्रुप में भेजा जा सके। वित्तीय वर्ष 2020-21 में वितरित की जाने वाली नि:शुल्क यूनीफार्म एवं नि:शुल्क पाठ्य पुस्तक वितरण की तैयारी सुनिश्चित कर ली जाए। इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं।