दुकानों का किराया अदा न करने वाले पचास किरायेदारों को नगर पालिका ने नोटिस जारी कर दिया है। इनमें दुकानों का प्रीमियम जमा नहीं करने वाले 14 दुकानदार भी शामिल हैं। सात दिन में किराया अदा नहीं करने पर इन दुकानों को सील कर दिया जाएगा।
नगर पालिका अपनी आय बढ़ाने के लिए नगर के विभिन्न स्थानों पर 109 दुकानें बनाए हैं। इन दुकानों के किराएदारों द्वारा किराया जमा नहीं करने के कारण विभाग को नियमित रुप से राजस्व की प्राप्ति नहीं हो पा रही है। वहीं कुछ किराएदारों ने तो नीलामी के पांच-छह वर्ष बीतने के बाद भी नीलामी की धनराशि जमा नहीं की है। इसमें कहीं न कहीं विभागीय अधिकारियों की उदासीनता भी जिम्मेवार है। इससे विभाग को ही राजस्व की क्षति को देखते हुए इस समाचार को अमर उजाला ने विगत 03 मार्च के अंक में ‘चौदह दुकानदारों पर प्रीमियम बकाया’ शीर्षक से समाचार को प्रकाशित किया था। समाचार को संज्ञान में लेते हुए नगर पालिका अधिशासी अधिकारी राकेश कुमार ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित कर बड़े बकायेदारों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। इस क्रम में कर-करोत्तर विभाग के अधिकारियों ने नोटिस शुक्रवार को लगभग 50 किराएदारों को नोटिस जारी किए हैं, जिन्होंने बीते एक वर्ष या इससे अधिक समय से दुकानों का किराया जमा नहीं किया या फिर उनका किराया दस हजार रुपये से अधिक बकाया है।
विभाग ने बकाएदारों को केवल सात दिन का समय दिया है, इस समय सीमा के भीतर बकाया किराया जमा नहीं होता है तो नगर पालिका उन दुकानों को सील कर देगी। वहीं इन बकाएदारों की सूची में 14 दुकानदार ऐसे भी जिन्होंने दुकानों की प्रीमियम राशि जमा नहीं की है, इन दुकानों का कुल 22.76 लाख रुपये प्रीमियम बकाया है।
प्रीमियम वसूली में रोड़ा बनेगा शराब का ठेका
सुपर मार्केट के बने नगर पालिका के मां कर्माबाई कॉमर्शियल कॉम्पलेक्स में कुल ग्यारह दुकानें हैं, इनमें से सात दुकानों की नीलामी पांच वर्ष पूर्व हो चुकी है। लेकिन इनमें से चार दुकानों के किराएदारों ने अब तक दुकानों की नीलामी की संपूर्ण प्रीमियम राशि जमा नहीं की है, इनका कुल 12.51 लाख रुपए प्रीमियम बकाया है। प्रीमियम राशि जमा नहीं करने वाले दुकानदारों की मांग है कि कॉम्पलेक्स में संचालित हो रहे देशी शराब के ठेका को यहां से हटाया जाए।
बकाएदारों के नाम लाउड स्पीकरों पर बोलना हुआ बंद
करीब दो वर्ष पूर्व नगर पालिका के तत्कालीन अधिशासी अधिकारी ने लगभग पांच लाख रुपये की लागत से वीर सावरकर चौक से रेलवे स्टेशन तक के मुख्य मार्ग पर करीब आधा सैकड़ा लाउडस्पीकर लगवाए थे। विभाग में गृहकर जमा नहीं करने वाले व दुकानों का किराया जमा नहीं करने वाले बड़े बकाएदारों के नाम व बकाया धनराशि को इन लाउड स्पीकरों के माध्यम से सार्वजनिक किया जाता था। बदनामी के डर से बकायादार खुद व खुद विभाग में आकर अपना बकाया जमा कराने लगा था। तत्कालीन अधिशासी अधिकारी का स्थानांतरण हो जाने के बाद इस व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया।
बड़े बकाएदारों और प्रीमियम राशि जमा नहीं करने वालों को नोटिस जारी कर दिए गए और उन्होंने सात दिन की मोहलत दी गई है। यदि इन सात दिनों में बकाया किराया या प्रीमियम राशि जमा नहीं की जाती है, तो उस दुकान को सील करके नगर पालिका अपना ताला डाल देगी।
राकेश कुमार
अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका ललितपुर।