ललितपुर। ललितपुर और महरौनी विधानसभा सीट पर पिछले दो चुनावों में बसपा के पक्ष में चलने वाली हवा इस बार भाजपा की ओर मुड़ गई है। इस बार जीत का अंतर इतना है कि सभी प्रमुख विपक्षी मिलकर भी भाजपा का मुकाबला नहीं कर सके।
शनिवार को मतगणना के बाद आए नतीजों ने बसपा के समीकरणों की पोल खोल दी। पिछले चुनाव में बसपा ने दलित और कुुशवाहा वोट बैंक को साधकर जनपद की दो विधानसभा सीटों को अपने कब्जे में किया था। लेकिन शनिवार की मतगणना के बाद ललितपुर व महरौनी सीट पर भाजपा ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। ललितपुर विधानसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी रामरतन कुशवाहा ने सपा की ज्योति सिंह लोधी को 68 हजार 255 वोटों से हराया, तो महरौनी विधानसभा सीट पर भाजपा के मनोहर लाल पंथ ने बसपा के फेरन लाल अहिरवार को 99,564 वोटों से हराया।
सबसे दिलचस्प यह रहा है कि भाजपा के दोनों प्रत्याशियों ने इतने वोट पाए कि उनके विपक्षी प्रमुख पार्टियों के प्रत्याशियों के कुल वोट भी मुकाबले में नहीं टिक पाए। ललितपुर सीट पर भाजपा के रामरतन कुशवाहा को एक लाख 56 हजार 942 वोट मिले। वहीं, उनकी विरोधी प्रत्याशी सपा की ज्योति सिंह लोधी को 88,687 व बसपा के संतोष कुशवाहा को 55,549 वोट मिले। इनका योग 1, 44, 236 होता है, जो रामरतन के कुल वोटों से कम है।
वहीं, महरौनी से मनोहर लाल पंथ के खिलाफ खड़े तीन प्रमुख पार्टियों के प्रत्याशी भी कुल मिलाकर उनके बराबर वोट नहीं पा सके। यहां से बसपा के फेरन लाल अहिरवार को 59,727, कांग्रेस के बृजलाल खाबरी को 43,171 व 27,031 वोट मिले जिनका कुल योग 1,29,929 होता है। जबकि मनोहर लाल पंथ को 1,59,291वोट मिले।