मड़ावरा स्थित रोहणी बांध से निकली रोहणी नहर में जमी सिल्ट की सफाई किये बगैर ही सिंचाई विभाग ने एक नवंबर से नहर के संचालन की तैयारी में है। जबकी लखनऊ में सिंचाई मंत्री की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में नहरों के संचालन से पूर्व नहरों में जमी सिल्ट और अन्य मरम्मत के कार्य प्रमुखता के साथ पूर्ण कराने का आदेश दिया गया था, लेकिन मड़ावरा में जिम्मेवार अफसरों ने नहर के संचालन से पूर्व सिल्ट की सफाई कराना अनिवार्य नहीं समझा साथ साथ बैठक के दौरान लिये गये निर्णय के उपरांत निर्गत आदेश को भी सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने ठेंगा दिखा दिया ।
15 अक्टूबर को लखनऊ मैं सिंचाई मंत्री की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में दिए निर्देशों के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने का आदेश प्रमुख अभियंता और विभागाध्यक्ष अजय कुमार सिंह ने अधीनस्थों को दिया था, जिसमें नहरों में सिल्ट की सफाई टेल की तरफ से कराने कटी फटी नहर की मरम्त कराने एंव सिल्ट की सफाई की वीडियो एंव फोटोग्राफी कराने अधिकारियों द्वारा निरीक्षण कराने एंव इस कार्यक्रम की जानकारी क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराने जैसे कई अहम निर्णय लिये गये थे लेकिन मडावरा क्षेत्र में प्रमुख अभियंता के आदेश का पालन होता नजर नहीं आरहा है , रोहणी बांध मडावरा से आठ किलोमीटर लंबी निकली रोहणी नहर में सिल्ट की सफाई का काम नहीं कराया गया नहर में जगह जगह घास एंव.सिल्ट जमी है नहर में बडे़ बडे़ पत्थर पडे़ हुए है, जिससे टेल तक पानी पहुंचने में बाधा उत्पन्न हो सकती है। जिससे किसानों को परेशानियों का सामना करना पड सकता है।