फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रधानमंत्री आवास योजना में कम पड़ी धनराशि

Thu, 01 Nov 2018 01:52 AM IST
lalitpur
विज्ञापन
प्रधानमंत्री आवास योजना - फोटो : demo
विज्ञापन
 निर्धन परिवारों को आशियाना मुहैया कराने के लिए चलाई जा रही प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में धनराशि की कमी पड़ गई है। इसके चलते जहां एक सौ परिवारों को द्वितीय किस्त नहीं मिल पाई है। वहीं, तिरासी परिवारों को तीसरी किस्त का इंतजार है। ऐसे में एक सैकड़ा से ज्यादा आवासों का निर्माण बाधित हो गया है।
विज्ञापन

प्रधानमंत्री आवास योजना उन लोगों के लिए चलाई जा रही है जो ग्रामीण क्षेत्र में काफी गरीब है और झुग्गी झोपड़ियों में रहते हैं। इस महंगाई के दौर में गरीब परिवारों को पक्का मकान बनवाना सपने जैसा है। जिसे ध्यान में रखकर भारत सरकार ने आवास योजना चला रखी है। इसके अंतर्गत जिले में 1680 आवासों का निर्माण किया जा रहा है। बीते दिनों लाभार्थियों के खाते में द्वितीय व तृतीय किस्त भेजने की प्रक्रिया अपनाई गई। इस दौरान 1524 खातों में डोगल लगाया गया है तो 1424 खातों में द्वितीय किस्त की धनराशि अंतरित की गई है। इस तरह सौ खातों में धनराशि नहीं भेजी जा सकी। तीसरी किस्त 258 बैंक खातों में डोगल लगाया जा चुका है, जबकि 175 बैंक खातों में धनराशि हस्तांतरित कर दी गई है। कुल मिलाकर 183 लाभार्थियों के बैंक खाते में धनराशि नहीं पहुंच पाई है। इससे लाभार्थियों को आवास निर्माण का काम आगे चलाना मुश्किल हो रहा है। कइयों ने तो किस्त मिलने तक आवास का निर्माण रोक दिया है।

इतनी मिलती धनराशि
आवास निर्माण के लिए एक लाख बीस हजार रुपये की धनराशि का प्राविधान किया गया है। इसमें प्रथम किस्त 40 हजार रुपये, द्वितीय किस्त सत्तर हजार रुपये व तृतीय किस्त में दस हजार रुपये दिए जाते हैं। इसके अलावा लाभार्थी को मनरेगा के तहत नब्बे दिन की मजदूरी प्रदान की जाती है।  
विज्ञापन


शासन से नहीं मिला धन
लाभार्थियों के खाते में डोगल लगा दिया गया है। जैसे ही शासन से धनराशि अवमुक्त होगी, वैसे ही लाभार्थियों के बैंक खाते में धनराशि पहुंच जाएगी।  
बलिराम वर्मा, परियोजना निदेशक डीआरडीए   

आवास का चल रहा निर्माण
शासन से धनराशि अवमुक्त नहीं हुई है। जिससे कई लाभार्थियों को किस्त नहीं मिल पाई है। इसके बाद भी आवास का निर्माण कार्य चल रहा है। उन्होंने माना कि कुछ आवासों का निर्माण बाधित हो सकता है।
विज्ञापन

शिवनारायण, मुख्य विकास अधिकारी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें