शहर के मुख्य बाजार में वाहन पार्किंग न होने से जाम की समस्या आम हो गई है। पार्किंग बनाने के लिए पुलिस प्रशासन, नगर पालिका व जिला प्रशासन द्वारा उचित प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। अपर पुलिस अधीक्षक ने तीन दिन में समस्या हल करने की बात कही थी। लेकिन, एक सप्ताह बाद भी कोई रूप रेखा नहीं बनाई गई। अफसरों के संजीदा न होने से लोगों को अभी कुछ और दिन परेशान होना पड़ेगा।
पार्किंग के लिए कोई भी स्थल निर्धारित नहीं होने से वाहनों को पार्क करने की समस्या लंबे समय से चली आ रही है। पार्किंग स्थल की सबसे अधिक जरूरत मुख्य बाजार क्षेत्र पुरानी सदर तहसील चौराहा व सदर कांटे से घंटाघर, वीर सावरकर चौक होते हुए आजाद चौक से मवेशी बाजार, कटरा बाजार, लोहा-पीतल बाजार, साड़ी-चूड़ी मार्केट, सर्राफा बाजार और वीर सावरकर चौराहा से तालाबपुरा वाले मार्ग पर है। मुख्य बाजार होने के चलते यहां खरीदारों की भीड़ रहती है। पार्किंग न होने पर वह अपने वाहन जहां-तहां खड़े कर देते हैं। इससे राहगीरों और दुकानदारों में विवाद की स्थिति पैदा हो जाती है। इससे परेशान स्थानीय लोगों व विभिन्न संगठनों ने एक नवंबर को यातायात माह के शुभारंभ पर समस्या को यातायात पुलिस, जिला प्रशासन व नगर पालिका के अधिकारियों के समक्ष रखी थी।
वहीं, कुछ लोगों ने तो समस्या हल न होने पर यातायात माह के बहिष्कार की घोषणा की थी। इसके बाद तत्कालीन अपर पुलिस अधीक्षक सुधा सिंह ने यातायात पुलिस को निर्देश दिए थे कि अगले तीन दिनों के भीतर पुलिस प्रशासन, नगर पालिका, नियत प्राधिकरण व जिला प्रशासन संयुक्त बैठक कर पार्किंग की समस्या से निजात दिलाने के लिए हल निकालें। इस निर्देश को एक सप्ताह हो चुका है, लेकिन अभी तक संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक होना तो दूर वर्तमान में बैठक को लेकर कोई रूप रेखा तक तैयार नहीं की गई है। अधिकारियों की उदासीनता से यह समस्या हल होती नहीं दिख रही है।
सफेद रेखा के पार हो रहा अतिक्रमण
नगर पालिका ने शहर के मुख्य मार्ग पर सड़क के दोनों ओर किनारों पर सफेद रंग की रेखा खींचकर वाहनों व हाथ ठेलों की सीमा निर्धारित कर दी है, ताकि सफेद रेखा को पार करके सड़क पर वाहन खड़े न किए जा सकें। लेकिन अधिकतर व्यापारियों ने इस सफेद रंग की रेखा तक अपना अधिकार मान अतिक्रमण कर लिया है। इससे ग्राहकों को मजबूरी में अपने वाहन सड़क पर खड़े करने पड़ते हैं। नगर पालिका व पुलिस इन अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई नहीं कर रही है। वहीं, नियत प्राधिकारण विभाग की अनदेखी के चलते कई भवन स्वामियों ने मुख्य मार्ग के किनारे भवन में बने निजी कांपलेक्स व निजी मार्केट में वाहन पार्किंग के लिए स्वीकृत बेसमेंट में अवैध तरीके से दुकानों का निर्माण कर लिया है। इससे यहां आने वाले ग्राहक व व्यापारी अपने वाहन मजबूरन सड़क पर खड़े करते हैं।
विभागीय व्यस्तता के कारण बैठक आयोजित करने में देरी हो गई है। लेकिन आगामी एक-दो दिन में जल्द ही बैठक कर वाहन पार्किंग की समस्या का हल निकाला जाएगा।
- हिमांशु गौरव, सदर क्षेत्राधिकारी ललितपुर।