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पार्किंग का ठेका लेने को कोई नहीं तैयार

Sat, 19 Mar 2016 12:12 AM IST
Lalitpur
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पार्किंग का ठेका लेने को कोई नहीं तैयार - फोटो : demo
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ललितपुर। नगर पालिका का बस स्टैंड व टैक्सी पार्किंग शुल्क वसूली का ठेका विभाग के सिर दर्द बनता जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2016-17 के ठेकों की नीलामी के लिए नगर पालिका ने खुली बैठक बुलाई थी, लेकिन इसके बाद भी कोई ठेकेदार नहीं आया। पिछले वर्ष भी उक्त ठेकों की नीलामी नहीं हो सकी थी।
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नगर पालिका के ठेकों की नीलामी के लिए पहली खुली बैठक 23 फरवरी को आयोजित की गई थी। इस दौरान पशु रजिस्ट्रेशन, आजाद बाल क्रीडा की कैंटीन, साइकिल स्टैंड, ठेला पार्किंग व होर्डिंग शुल्क वसूली का ठेका नीलाम हो गया था, लेकिन टैक्सी पार्किंग, बस स्टैंड व मृत पशु शव निस्तारण का ठेका नीलाम नहीं हो सका था। नगर पालिका ने अवशेष तीनों ठेकों को नीलाम करने के लिए शुक्रवार को नीलामी तय की थी। जमानत राशि जमा करने के लिए निर्धारित समय 10 से 12 बजे तक कोई भी बोली लगाने वाला नहीं आया। नगर पालिका के दो बजे तक इंतजार के बाद बैठक को निरस्त कर दिया।

अधिशासी अधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि विभाग मार्च के अंत में एक बार फिर अवशेष ठेकों की नीलामी कराने का प्रयास करेगा। इस दौरान नगर पालिका अध्यक्ष सुभाष जायसवाल, कर अधीक्षक हेमंत सिंह, प्रदीप सिंह, सिकंदर खान, नरेंद्र राठौर, राजीव कुमार आदि उपस्थित रहे।
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घाटे का है बस स्टैंड ठेका
एआरटीओ कार्यालय से प्राप्त सूची के आधार पर जिला मुख्यालय से 152 बसों का संचालन हो रहा है। नगर पालिका में प्रत्येक बस का पार्किंग शुल्क 15 रुपये प्रतिदिन निर्धारित है, यदि एआरटीओ कार्यालय में दर्ज 152 बसों का हिसाब लगाया जाए तो समस्त बसों का एक दिन का पार्किंग शुल्क 2,280 रुपये होगा और प्रत्येक माह का 68,400 रुपये व वार्षिक शुल्क 8,20,800 रुपये होगा, जबकि उक्त ठेके के लिए विभागीय बोली 8,15,100 रुपये से मात्र पांच हजार रुपये अधिक है। यह आंकड़ा एआरटीओ कार्यालय में दर्ज समस्त 152 बसों को आधार पर है।

इस तरह हो सकता है ठेका नीलाम
नगर पालिका पिछले कई वर्षों से बस स्टैंड से पार्किंग शुल्क के नाम पर 15 रुपये प्रति बस वसूल रही है। जबकि वसूली का लक्ष्य प्रति वर्ष बढ़ता जा रहा है। झांसी नगर निगम ने इस वर्ष बस स्टैंड पार्किंग शुल्क का ठेका 25 रुपये कर दिया है। यदि नगर पालिका अपनी माह मार्च की बोर्ड बैठक में बस स्टैंड का पार्किंग शुल्क बढ़ा देता है तो शायद उक्त ठेका नीलाम किया जा सकता है, क्योंकि इससे ठेकेदार को आमदनी का रास्ता खुल जाएगा।

49 लाख का ठेका, 6.20 लाख में लेने को नहीं तैयार
नगर पालिका द्वारा शहर में संचालित सिटी टैक्सियों से तीन रुपये प्रतिदिन का पार्किंग शुल्क व नगर पालिका क्षेत्र से संचालित बड़ी टैक्सियों से आठ रुपये प्रतिदिन का पार्किंग शुल्क निर्धारित है। पार्किंग वसूली के ठेके के लिए इस वर्ष की विभागीय बोली 6,20,500 रुपए निर्धारित की गई थी, लेकिन शुक्रवार को आयोजित नीलामी बैठक में इस ठेके के लिए केवल एक व्यक्ति हिम्मत जुटा पाया। बोली लगाने वालों की न्यूनतम संख्या तीन होनी जरूरी है। एआरटीओ कार्यालय के रिकार्ड के अनुसार शहर में संचालित हो रही 2,420 सिटी टैक्सी का पार्किंग शुल्क तीन रुपये के आधार पर 7,260 रुपए प्रतिदिन व वार्षिक पार्किंग शुल्क 26.13 लाख रुपए हो रहा है। वहीं, बड़ी टैक्सी के तौर पर एआरटीओ कार्यालय के अनुसार नगर पालिका क्षेत्र से 740 आपे व 56 मैक्सी कैब (मैजिक टैक्सी) का संचालन ग्रामीण इलाकों को होता है। इस हिसाब से यदि नगर पालिका निर्धारित पार्किंग शुल्क आठ रुपए के आधार पर 796 बड़ी टैक्सियों से शुल्क वसूले तो प्रतिदिन का 6,368 रुपए व वार्षिक शुल्क 22.92 लाख रुपए निकल रहा है। दोनों प्रकार की टैक्सियों से कुल वार्षिक पार्किंग शुल्क 49 लाख रुपए से अधिक वसूला जा सकता है। इसके बाद भी यह पार्किंग ठेका कोई 6.20 लाख रुपए में लेने के लिए तैयार नहीं है।
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