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वित्त विहीन कालेजों के सामने टिक नहीं पाए सरकारी शैक्षिक संस्थान

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up board - फोटो : up board
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ललितपुर। गत दिवस माध्यमिक शिक्षा परिषद प्रयागराज बोर्ड द्वारा घोषित किए हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के रिजल्ट में वित्तविहीन कॉलेजों के छात्र/ छात्राओं ने अपना झंडा बुलंद किया है। जबकि राजकीय और शासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों के बच्चे इतना बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाए।
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गत दिवस माध्यमिक शिक्षा परिषद प्रयागराज द्वारा हाईस्कूल व इंटरमीडिएट का परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया गया। जिले के टॉप टेन की सूची में राजकीय व शासकीय सहायता प्राप्त कॉलेज पिछड़ गए। हाईस्कूल की छात्रा गायत्री सोनी राजकीय बालिका इंटर कॉलेज 89 प्रतिशत अंकों के साथ ग्यारहवें नंबर पर रहीं, जबकि मान्यता प्राप्त वित्तविहीन विद्यालयों ने क्रमश: छठवां व नौवां स्थान प्राप्त किया। वहीं, इंटरमीडिएट में कपिल यादव शांति निकेतन इंटर कॉलेज महरौनी 85.30 प्रतिशत अंकों के साथ पांचवें नंबर पर रहे। इस सूची में कोई भी राजकीय कॉलेज का छात्र या छात्रा स्थान नहीं बना सका। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के रिजल्ट पर वित्तविहीन कॉलेजों का ही दबदबा रहा। महरौनी का सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, शीतल बड़ौनिया कन्या इंटर कॉलेज, द सनराइज इंटर कॉलेज जैसी प्राइवेट संस्थाओं ने नाम स्थापित किया। पंडित मदन मोहन मालवीय इंटर कॉलेज गुढ़ा के छात्रों ने भी सूची में स्थान बनाने में कामयाबी पाई। वर्ष 2020 की परीक्षा में हाईस्कूल के 21,281 एवं इंटरमीडिएट के 15,249 कुल 36,530 परीक्षार्थियों ने नामांकन कराया था।
संसाधनों के अभाव में पिछड़ रहे कई विद्यालय
ललितपुर नगर में श्री वर्णी जैन इंटर कॉलेज, राजकीय इंटर कॉलेज, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, पीएन इंटर कॉलेज, नगर पालिका बालिका इंटर कॉलेज जैसे कई नामचीन विद्यालय हैं। इनमें छात्र-छात्राओं का नामांकन भी अधिक है। शैक्षिक सत्र की शुरुआत में प्रवेश के लिए इन विद्यालयों में मारामारी मचती है। इन कॉलेज में छात्र-छात्राएं अपना नामांकन कराकर स्वयं को गौरवांवित महसूस करते हैं। एक जमाने में श्री वर्णी जैन इंटर कॉलेज व राजकीय इंटर कॉलेज के छात्र प्रदेश के परीक्षा परिणाम की सूची में शामिल होते थे, लेकिन अब जिले की टॉप दस की सूची में स्थान पाने के लिए तरस गए हैं। कई विद्यालय संसाधनों के अभाव में पिछड़ रहे हैं।
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कोचिंग सेंटर भी नहीं दे सके बेहतर रिजल्ट
शहर में एक से बढ़कर एक कोचिंग सेंटर संचालित हैं। कई संचालक बेहतर पढ़ाई का दावा करते हैं। पूर्व में कुछ कोचिंग सेंटरों के बच्चों ने बेहतर प्रदर्शन किया है, लेकिन वे भी पिछड़ गए हैं। इसका उनके पास कोई संतोषजनक जवाब नहीं है।
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प्रधानाचार्य बोले-आगामी परीक्षा के लिए नई प्लानिंग के साथ कराएंगे पढ़ाई
शिक्षकों ने बेहतर शिक्षा देने का प्रयास किया है, लेकिन शायद बच्चे उस लेबल पर तैयारी नहीं कर पाए। आगामी परीक्षा के लिए नई प्लानिंग के साथ पढ़ाई कराई जाएगी।
- अजब सिंह, प्रधानाचार्य श्री वर्णी जैन इंटर कालेज
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बोर्ड परीक्षा का जो रिजल्ट आया है, उसकी समीक्षा की जाएगी। इसके बाद जो कमी निकलकर आएगी, उनमें सुधार करते हुए और बेहतर करने का प्रयास किया जाएगा।
- राजेंद्र कुमार त्रिपाठी, प्रधानाचार्य जीआईसी
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कॉलेज में छात्राओं की संख्या अधिक है, उसके मुकाबले शिक्षिकाएं कम हैं। इस वजह से गुणवत्तापरक शिक्षण में कठिनाई आती है। इसके बाद भी टॉप टेन की सूची में एक बालिका का नाम है।
- पूनम मलिक, प्रधानाचार्य राजकीय बालिका इंटर कॉलेज
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अधिकांश बच्चे कोचिंग की शिक्षा पर निर्भर होते जा रहे हैं। वहीं, महरौनी में बच्चे कक्षाओं में नियमित हैं, जिससे वे एक- दूसरे से सीखते हैं। उनमें प्रतिस्पर्धा की भावना जागृत होती है।
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- गजेंद्र सिंह, प्रधानाचार्य, सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज महरौनी
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