ललितपुर। जिले का पोस्टमार्टम हाउस मुख्य शहर से करीब चार किलोमीटर दूर ग्रामीण क्षेत्र में बना है। रात में वहां बिजली की दिक्कत रहती है। अस्पताल प्रशासन की लापरवाही से वहां जेनरेटर नहीं होने से लोगों को असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। अगर किसी का इमरजेंसी में पोस्टमार्टम कराना हो तो कर्मचारी जेनरेटर लाने को कहते हैं। वहीं रात्रिकालीन ड्यूटी पर लगाए गए चिकित्सक वहां नहीं रहते।
ललितपुर जिले का नवीन पोस्टमार्टम हाउस पटौरा गांव में है। वहां पर ग्रामीण क्षेत्र से आई बिजली की व्यवस्था है। ग्रामीण इलाका होने के कारण प्राय: रात में बिजली कटौती होती रहती है। ऐसे में बिजली व्यवस्था नहीं होने से इमरजेंसी में होने वाले पोस्टमार्टम में दिक्कत आ रही है। मंगलवार की रात एक युवक का पोस्टमार्टम कराने गए परिजनों को इसी प्रकार की दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जिलाधिकारी से अनुमति मिलने के बाद भी पोस्टमार्टम के लिए तैनात चिकित्सक पोस्टमार्टम करने के लिए तैयार नहीं थे। उनका कहना था कि अगर बिजली चली गई तो पोस्टमार्टम में दिक्कत होगी। वहां तैनात एक कर्मचारी सूरज का कहना रहा कि विभाग की तरफ से यहां जेनरेटर की व्यवस्था नहीं है। इसलिए रात में होने वाले पोस्टमार्टम में दिक्कतें आती हैं। सीएमएस डॉ. अमित चतुर्वेदी ने बताया कि पोस्टमार्टम हाउस पर जेनरेटर की व्यवस्था के लिए शासन से अनुमति मांगी जाएगी। उसके बाद वहां जेनरेटर लगवा दिया जाएगा।