संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। पांच पूर्व थाना कोतवाली तालबेहट अंतर्गत ग्राम हर्षपुर के तत्कालीन प्रधान पर नाबालिग के साथ दुष्कर्म व उसके बाद उसकी जलाकर हत्या का मुकदमा पॉक्सो न्यायालय में विचाराधीन है।
न्यायालय में मुकदमा फाइनल स्टेज पर पहुंच गया है। इस प्रकरण में पीड़िता के परिवार को न्याय दिलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता सीमा समृद्धि कुशवाहा पैरवी करने जनपद में आईं। दिल्ली के निर्भया कांड में भी इन्हीं की पैरवी से पीड़िता के परिवार को न्याय दिलाया था।
थाना कोतवाली अंतर्गत एक गांव निवासी पीड़ित ने पुलिस को बताया कि विगत चार अप्रैल 2020 को शाम सात बजे हर्षपुर गांव के तत्कालीन प्रधान अशोक के घर उसकी नाबालिग पुत्री गई थी। जहां प्रधान ने उसे बुरी नीयत से दबोच कर दुष्कर्म किया तभी उसकी पत्नी वहां पर आ गई।
उसने उसकी पुत्री को मारा और कहा कि अगर उसने यह बात किसी से कही तो वह उसके पिता को जान से मार देगी। इसके बाद दोनों मिलकर उसकी पुत्री को जला दिया। इलाज के दौरान उसकी पुत्री की मौत हो गई।
इस प्रकरण में पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए, प्रधान व उसकी पत्नी को बंद कर दिया था।
यह प्रकरण पॉस्को न्यायालय में विचाराधीन है। ऐसी पीड़िताओं व उनके परिजनों को न्याय दिलाने के लिए कार्यरत स्वयं सहायता समूह ने इस प्रकरण को अपने हाथ लिया। पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता सीमा कुशवाहा विगत दिवस जनपद में आईं। उन्होंने पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए न्यायालय में तमाम दलीलें पेश की हैं। न्यायालय ने अंतिम सुनवाई के लिए 29 जनवरी की तारीख निर्धारित की गई है।