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नव साक्षरता मिशन : उम्र और घूंघट नहीं बनी बाधा, असाक्षरों ने दी नव साक्षर बनने की परीक्षा

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ललितपुर। पढ़ने-लिखने की कोई उम्र नहीं होती। इसकी मिसाल रविवार को जिले में 107 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित नव साक्षर परीक्षा में देखने को मिली। इसमें ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं ने सामाजिक झिझक और घरेलू जिम्मेदारियों को पीछे छोड़कर परीक्षा केंद्र पहुंचकर अपनी पढ़ाई का आकलन कराया। इनमें उम्र के आखिरी पड़ाव पर पहुंचे लोग और कई महिलाएं घूंघट की ओट में उत्साह के साथ परीक्षा देने पहुंची। परीक्षा में 1070 के मुकाबले 1067 नवसाक्षर शामिल हुए। जबकि तीन अनुपस्थित रहे।
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नव भारत साक्षरता अभियान के तहत 15 वर्ष से अधिक आयु के 1070 निरक्षरों को साक्षर किया गया। इसमें बुजुर्गों और महिलाओं की संख्या सबसे ज्यादा थी। निरक्षरों को हिंदी, गणित, मात्रा ज्ञान, स्वर परिचय, आओ शब्द बनाएं, संख्या ज्ञान, गिनती, जोड़-घटाना, गुणा भाग करना सिखाया गया। वालंटियरों ने बुजुर्गों, महिलाओं और निरक्षरों को शिक्षित किया। रविवार को कुल 107 केंद्रों पर नव साक्षरों की परीक्षा हुई। परीक्षा केंद्रों पर सुबह से ही महिलाएं पहुंचने लगी थीं। कुछ महिलाएं अपने परिजनों के साथ तो कुछ समूह में परीक्षा देने पहुंची। ग्रामीण परिवेश की महिलाओं के लिए यह परीक्षा महज कागज पर लिखे सवालों का जवाब देने तक सीमित नहीं थी, बल्कि उनके लिए पढ़ना-लिखना सीखने के बाद अपनी क्षमता साबित करने का अवसर भी थी। इनमें दादा-दादी, काका-काकी सहित अन्य लोग शामिल थे। परीक्षा कक्ष में पहुंचने पर जब महिलाओं ने अपने गांव के बड़े-बूढ़ों को देखा तो साड़ी के पल्लू से मुंह ढक लिया। शिक्षकों ने सभी को प्रश्नपत्र दिया तो घूंघट की ओट में ही महिलाओं ने सवालों को गौर से पढ़ा और इसके बाद उन्हें हल किया। इस दौरान निरक्षर से साक्षर हुए लोगों में काफी उत्साह देखने को मिला। परीक्षा देकर जब वह बाहर निकले तो उनके चेहरे पर एक सुकून भरी मुस्कान थी कि अब वह अनपढ़ नहीं, पढ़े-लिखे लोगों की श्रेणी में आ गए। सुबह 10 बजे से शुरू हुई परीक्षा शाम 4 बजे तक हुई। नवसाक्षर परीक्षा देने वालों में महिलाओं की संख्या अधिक रही।

परीक्षा में शामिल नव साक्षरों की ब्लॉकवार सूची

ब्लॉक का नाम - केंद्र - पंजीकृत - उपस्थित नव साक्षर - अनुपस्थित

महरौनी - 07 - 32 - 32 - 00

मड़वरा - 33 - 212 - 212 - 00

बार - 05 - 140 - 138 - 02

जखौरा - 14 - 196 - 196 - 00

तालबेहट - 32 - 250 - 250 - 00

बिरधा - 13 - 130 - 129 - 01

नगर क्षेत्र - 03 - 32 - 32 - 00

योग - 107 - 1070 - 1067 - 03

घूंघट में आईं, आत्मविश्वास के साथ लिखे जवाब

परीक्षा केंद्र पर पहुंची कई महिलाएं घूंघट में थीं, जिसमें बुजुर्ग भी शामिल थी। परीक्षा के शुरुआत में तो वह संकोच में दिखी, लेकिन जैसे ही प्रश्नपत्र मिला उनका ध्यान सवालों के जवाब लिखने पर केंद्रित हो गया। किसी ने अक्षर पहचानकर जवाब लिखा तो किसी ने पढ़कर प्रश्नों को समझा। परीक्षा में महिलाओं में काफी उत्साह रहा।
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घर की जिम्मेदारियों के बीच सीखीं पढ़ाई की बारीकियां

नव साक्षरों में बड़ी संख्या ऐसी महिलाओं की रही, जिन्होंने घरेलू कामकाज और परिवार की जिम्मेदारियों के बीच समय निकालकर पढ़ना-लिखना सीखा था। दिन भर घर के काम में व्यस्त रहने के बावजूद इन महिलाओं ने साक्षरता केंद्रों पर पहुंचकर अक्षर ज्ञान हासिल किया। अब परीक्षा देकर उन्होंने अपनी सीख को परखा। यही हाल बुजुर्गों का भी रहा। उन्होंने भी अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच से अपने आप को शिक्षित करने के लिए समय निकाला और पढ़ाई कर साक्षर बने।

नवसाक्षरों की परीक्षा जिले में 107 केंद्रों पर शांतिपूर्वक तरीके से संपन्न हुई। परीक्षा देने वालों में महिलाओं की संख्या अधिक रही। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं अपने घर, परिवार, मोहल्ले के बुजुर्गों के साथ परीक्षा देने पहुंची।
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रत्नेश कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी

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