ललितपुर। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के व्यापक प्रचार एवं क्रियान्वयन की रणनीति विकसित करने के उद्देश्य से संयुक्त शिक्षा निदेशक झांसी मंडल झांसी, उपशिक्षा निदेशक झांसी मंडल झांसी के निर्देशन में जनपद में आयोजित पांच दिवसीय वेबिनार के चौथे दिन ब्लॉक महरौनी के 80 लोगों ने प्रतिभाग किया। वक्ताओं ने कहा कि नई शिक्षा नीति में विद्यार्थियों के कौशल विकास पर ध्यान दिया गया है।
वेबिनार का शुभारंभ करते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक रमाशंकर ने कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 के माध्यम से भारत में शिक्षा को एक नई दिशा मिलेगी। नई शिक्षा नीति में पाठ्यक्रम को लचीला बनाया गया है ताकि वे अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा का सफलतापूर्वक मुकाबला कर सके।
मुख्य वक्ता सुशील द्विवेदी स्टेट कोऑर्डीनेटर विद्यार्थी विज्ञान मंथन (विज्ञान भारती) शिक्षा शिल्पी (विज्ञान भारती)/ ग्रीन ओलंपियाड (टेरी) ने बेविनार में जुड़े लोगों को नई शिक्षा नीति-2020 के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि वर्ष 3 से 6 साल के बच्चों को अलग पाठ्यक्रम तय होगा, जिसमें उन्हें खेल के तरीखों से सिखाया जाएगा। इसके लिए टीचर्स की भी अलग ट्रेनिंग होगी। कक्षा एक से तीन तक के बच्चों को यानी 6 से 9 साल के बच्चों को लिखना पढ़ना आ जाए, इस पर खास जोर दिया जाएगा। इसके लिए नेशनल मिशन शुरू किया जाएगा।
संतोष कुमार प्रवक्ता डायट ने भी नई शिक्षा नीति पर अपने विचार रखते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति का उद्देश्य छात्रों को कला, मानविकी, विज्ञान, खेल और व्यावसायिक विषयों में अध्ययन करने के लिए लचीलेपन और विषयों की पसंद को बढ़ाना है।
डॉ विजय कुमार यादव असिस्टेंट प्रोफेसर जीव विज्ञान विभाग विपिन बिहारी कॉलेज झांसी ने वेबिनार को संबोधित करते हुए कहा कि बदलते समय के साथ एक नई विश्व व्यवस्था खड़ी हो गई है। एक नया ग्लोबल स्टैंडर्ड भी तय हो रहा है। बदलते ग्लोबल स्टैंडर्ड के हिसाब से भारत के एजुकेशन सिस्टम में बदलाव करना भी बहुत जरूरी है। हमें अपने स्टूडेंट्स को ग्लोबल सिटीजन बनाना है। हमें इस बात का भी ध्यान रखना है कि वह ग्लोबल स्टूडेंट्स बनने के साथ-साथ अपनी जड़ों से भी जुड़े रहें। नयी शिक्षा नीति में ऐसा प्रावधान किया गया है कि छात्रों को ग्लोबल सिटीजन बनाने के साथ साथ उनको अपने जड़ों से भी जोड़कर रख जाएगा। अंत में जिला विद्यालय निरीक्षक, ललितपुर ने सभी का आभार व्यक्त किया।