ललितपुर। लगातार दो सप्ताह से करीब तीन हजार लोगों को बगैर वैक्सीन लिए मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। प्रतिदिन आठ हजार डोज की जरूरत है, इसके सापेक्ष पांच हजार डोज मिल रहे हैं। इससे सेंटरों पर कोविड नियमों का पालन नहीं हो पा रहा है।
सितंबर और अक्तूबर में कोरोना की तीसरी लहर आने की संभावना जताई जा रही है, साथ ही इससे बचाव को लेकर लोगों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। वहीं केंद्र व राज्य सरकार भी बचाव के लिए चेतावनी जारी कर रही है। तीसरी लहर से बचाव में वैक्सीनेशन को अधिक कारगर बताया जा रहा है। संक्रमण के प्रति जागरूक हुए लोग अब वैक्सीन लगवाने के लिए सेंटरों पर पहुंच रहे हैं। यहां पर सुबह से ही लंबी कतारें लग रही हैं, लेकिन वैक्सीन की लगातार हो रही कमी शिविरों में पहुंच रहे लोगों को खल रही है। बीते दो सप्ताह से लगातार सेंटरों पर वैक्सीन का का टोटा बना हुआ है। कई सेंटरों पर वैक्सीनेशन होना बंद हो गया है। यहां पर दो सप्ताह पूर्व एक दिन में साढ़े सात हजार डोज तक लग चुके हैं। वर्तमान में प्रतिदिन आठ हजार डोज की आवश्यकता है और पांच हजार डोज मिलने से दोपहर बाद पहुंच रहे लोग बिना टीका के मायूस होकर लौट रहे हैं। अब लोगों की संख्या बढ़ी तो वैक्सीन की कमी पड़ रही है।
वैक्सीन की कमी से सुबह से जुट रही भीड़
जिले में कई वैक्सीनेशन सेंटरों पर लोगों को बैठने व छाया जैसी सुविधाएं नहीं है। टीका लगवाने के लिए लोग धूप में बिना पानी तक के खड़े होकर कड़ी मशक्कत कर रहे हैं। ऐसे में कोविड से बचाव के नियमों का पालन नहीं हो रहा है। जहां दो गज दूरी बनाने के लिए बताया जा रहा है। पर यहां तो दो इंच की भी दूरी नहीं बन पा रही है। वहीं कई तो बिना मास्क के ही लाइनों में लगे नजर आ रहे हैं। ऐसे में संक्रमण के बढ़ने तक का खतरा बना हुआ है। इसके बाद भी जिम्मेदार अनदेखा कर रहे हैं।
प्रतिदिन पांच हजार डोज लगाने के लिए वैक्सीन मिल रही है, जिसे सेंटरों पर लगवाया जा रहा है। अधिक डोज मिलने पर अधिक लोगों को लगाई जाएगी।
- डॉ. हुसैन खान, नोडल अधिकारी, कोविड टीकाकरण