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टंचिंग ग्राउंड का कचरा सड़क किनारे पहुंचा, दुर्गंध से बढ़ी परेशानी

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ललितपुर। मोहल्ला रामनगर के निवासियों को नगर पालिका के टंचिंग ग्राउंड कचरा स्थल से निजात नहीं मिल पा रहा है। ग्राउंड का कचरा सड़क छूने लगा है। इससे स्थानीय लोगों का जीना दूभर हो गया है।
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स्वच्छ भारत मिशन के सफल होने के बाद सिंगल यूज प्लास्टिक की समस्या से निपटने की तैयारी की जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो अक्तूबर तक सरकारी कार्यालय और घरों से सिंगल यूज प्लास्टिक को हटाने का आह्वान किया है। उधर, वार्ड नंबर छह रामनगर के निवासी वर्षों पुरानी समस्या से आज भी जूझ रहे हैं। यहां समूचे शहर का कचरा डंप किया जाता है। नगर पालिका परिषद ने इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट की स्थापना के लिए प्रयास किए, लेकिन इसमें सफलता अब तक हासिल नहीं हो सकी है। पहले प्लांट के लिए भूमि उपलब्ध नहीं हो रही थी, अब जब शहर के निकटवर्ती ग्राम दैलवारा में भूमि का अधिग्रहण कर लिया गया है तो धन का अभाव रोड़ा बन गया है।
टंचिंग ग्राउंड पर सूखा व गीला कचरा को अलग-अलग करके जैविक खाद के लिए प्लांट की योजना बनाई गई थी। शुरुआत में ऐसा लग रहा था कि प्लांट की स्थापना होने ही वाली है। लेकिन, यह भी सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट की तरह धनाभाव में अधर में लटक गया। वर्तमान में मोहल्ला रामनगर की बस्ती के बीच खाली स्थान पर कचरा डंप किया जा रहा है। इन दिनों हो रही बरसात के कारण वाहन अंदर नहीं जा पा रहे हैं, जिससे ड्राइवर वाहन में भरे कचरे को सड़क किनारे उड़ेल रहे हैं। यह कचरा स्थानीय लोगों के लिए मुसीबत बन गया है। इससे उठ रही दुर्गंध से आसपास रहने वाले लोगों के लिए परेशानी खड़ी हो गई है। वह न तो सुकून से घर में बैठ पा रहे हैं और न ही रुचिकर भोजन कर पा रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि उनका जीवन बहुत कष्टमय बन गया है। इसके बाद भी कोई अधिकारी व जनप्रतिनिधि उनकी समस्या को सुनने के लिए नहीं आ रहे हैं।
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टंचिंग ग्राउंड पर गिराए जा रहे कचरे से ही अकेली समस्या नहीं है। कचरे के कारण घरों में मक्खी, मच्छर बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। चाय बनाते समय मक्खी गिर जाती है तो बैठे व लेटे समय मच्छर हमला कर देते हैं, ऐसे में बीमारी होने का हर समय डर बना रहता है।
- राजेंद्र कुशवाहा
घरों में डिटॉल व फिनाइल काम नहीं कर रहे हैं। टंचिंग ग्राउंड पास में होने से कभी दुर्गंध का झोंका उठता है तो कभी मच्छर और मक्खी इधर-उधर बैठे दिखाई देते हैं। ऐसे में भोजन करना भी अरुचिकर लगने लगा है। नगर पालिका ने लोगों का जीवन नरक बना दिया है।
- राकेश
नगर पालिका परिषद के अधिकारियों से कई बार टंचिंग ग्राउंड को हटाने की मांग की है, लेकिन उनके पास रटा-रटाया जवाब होता है कि बताओ कचरा कहां ले जाए? ऐसे में मोहल्लेवासी चुप रह जाते हैं। वास्तव में यह काम नगर पालिका का है कि वह टंचिंग ग्राउंड के लिए बस्ती से दूर जमीन की की तलाश करे। लेकिन, मोहल्लेवासियों से कुतर्क करते हैं।
- अशोक
प्रधानमंत्री मोदी देश में और मुख्यमंत्री प्रदेश में स्वच्छता का ढिंढोरा पीट रहे हैं और यहां नगर पालिका गंदगी की समस्या सुनने के लिए तैयार नहीं है। चहुंओर कचरा डालने से मंदिर का रास्ता भी बंद हो गया है। सावन के महीने में महिला और पुरुष भोलेनाथ के मंदिर तक नहीं जा पाए।
- चिरंजीव लाल, अध्यक्ष, धानुक समाज
मोहल्ला रामनगर से टंचिंग ग्राउंड को हडटाने की तैयारी चल रही है। यहां पर मांस का बाजार विकसित करने पर विचार चल रहा है। शहर का सारा कचरा आने वाले दिनों में ग्राम दैलवारा में चिह्नित भूमि पर डंप करने की योजना है, जिसे दो से तीन महीने में पूरा कर लिया जाएगा।
- मधुसूदन जायसवाल, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद
एक जगह कचरा होने की स्थिति में लोगों को फेफड़े की बीमारी, सांस और दमा की बीमारी हो सकती है। इसके अलावा संक्रमण भी हो सकता है, जिससे उल्टी, दस्त व बुखार भी आ सकता है।
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- डा. अमित चतुर्वेदी, वरिष्ठ फिजीशियन, जिला चिकित्सालय
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