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बुजुर्गों के पास बैठ कर मनाएं, मानसिक स्वास्थ्य दिवस

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जिला अस्पताल में जन जागरूकता कैंप में मौजूद सीएमएस राजेंद्र प्रसाद - फोटो : LALITPUR
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ललितपुर। जिला चिकित्सालय के एनसीडी सेल में राष्ट्रीय बुजुर्ग स्वास्थ्य देखभाल कार्यक्रम के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय बुजुर्ग दिवस मनाया गया। जिसमें बुजुर्गों को स्वस्थ्य रहने के तरीके की जानकारी दी।
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सीएमएस डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि घर में बच्चों के साथ रहने से बुजुर्ग स्वस्थ रहते हैं। तीमारदारों से कहा कि कम से कम दस से 20 मिनट रोज अपने घर के बुजुर्गों के साथ बैठें। जिससे उनका मानसिक स्वास्थ्य भी बना रहे।
फिजियोथैरेपिस्ट डॉ. रिजु दुबे ने बताया कि राष्ट्रीय बुजुर्ग स्वास्थ्य देखभाल कार्यक्रम की शुरुआत अप्रैल 2013 को हुई, इसका उद्देश्य बुजुर्गों को होने वाली विभिन्न स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को दूर करना था। इसके लिए जिला अस्पताल में निशुल्क चिकित्सा वार्ड की सुविधाएं हैं। जिसमें निशुल्क सहायक उपकरण (वाकर छड़ी) भी समय-समय पर वितरित की गई। फिजीशियन डॉ. अंबिका प्रसाद दुबे ने कहा कि बुजुर्गों में बढ़ती उम्र के साथ अस्वस्थता भी बढ़ जाती है। डॉ. सौरभ देवलिया ने कहा कि बुजुर्गों को बढ़ते शहरीकरण के कारण उपेक्षा की जा रही है। उम्र बढ़ने के साथ-साथ बहुत से रोग बुजुर्गों को घेर रहे हैं। फिजीशियन डॉ. नीलांजलि दुबे ने बताया कि मोतियाबिंद, हृदय रोग, जोड़ों में दर्द, अवसाद, लकवा, मधुमेह आदि की समस्याओं से बुजुर्गों को जूझना पड़ता है। परिवार व सदस्यों की सहायता से समय के साथ-साथ ठीक भी हो सकते हैं। डॉ. एमसी गुप्ता ने कहा कि अगर समय रहते मामूली जोड़ों में दर्द मांसपेशियों में दर्द आदि को चिकित्सीय परामर्श से इलाज करा लिया जाए तो समस्याओं से बचा जा सकता है। अन्यथा बुजुर्गों में घुटनों का गठिया, कंधे का जाम होना, मधुमेह आदि बहुत आम समस्या बढ़ जाती है। इस दौरान डॉ. आरपी सिंह, मंजू लता यादव, राजीव जैन, अनिल, शिशुपाल, मोहिनी आदि समस्त एनसीडी स्टाफ मौजूद रहा।
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