ललितपुर। नगर पालिका में कार्यरत संविदा सफाई कर्मचारियों और आउट सोर्सिंग पर तैनात कर्मचारियों की रिपोर्ट शासन ने मांगी है। इसकी गाइडलाइन तैयार की जा रही है। माना जा रहा है कि कर्मचारियों की कम संख्या होने पर वह बढ़ाए जाएंगे और उन्हें अन्य सुविधाओं का लाभ दिया जाएगा। वहीं, मार्ग प्रकाश व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए नगर पालिका अध्यक्ष ने नगर विकास मंत्री को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने सीढ़ी चालक, लाइनमैन सहित अन्य पदों के लिए 51 कर्मचारियों की मांग की है।
नगर के होटलों, नर्सिंग होम, सब्जी और फल मंडी सहित विभिन्न स्थानों से प्रतिदिन लगभग 80 मीट्रिक टन कचरा निकलता है। इस कचरे के उठान और साफ-सफाई के लिए नगर पालिका में 427 कर्मचारी लगे हुए हैं, जिनमें से 80 स्थायी सफाई कर्मचारी, 223 संविदा कर्मचारी और 124 आउटसोर्सिंग एजेंसी के कर्मचारी लगाए गए हैं। नगर के स्थायी कर्मचारियों को छोड़कर शेष कर्मचारियों का न तो कर्मचारी भविष्य निधि का पैसा कटता है और ही प्राविडेंट फंड का। हालांकि, शासन ने संविदा कर्मचारियों का मानदेय बढ़ाकर 14 हजार रुपये कर दिया है, लेकिन अन्य लाभ के संबंध में संविदा कर्मचारियों के लिए कोई गाइड लाइन तैयार नहीं की गई। न ही सरकारों ने अब तक इस संबंध में कोई निर्णय लिया है। ऐसी स्थिति में कर्मचारी की मौत होने या बीमार होने पर उसके परिवार को कोई अन्य लाभ नहीं मिल पाता है।
लेकिन, अब सरकार संविदा कर्मचारियों के साथ आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को लाभ पहुंचाने के लिए गाइड लाइन तैयार करने जा रही है, जिसमें ईपीएफ व पीएफ का लाभ दिया जाएगा। इससे आउटसोर्सिंग से रखे गए कर्मचारियों को लाभ मिलेगा और ठेकेदार की मनमानी पर रोक लगेगी। कर्मचारियों की कमी होने पर इनकी संख्या बढ़ाई जाएगी। इस संबंध में शासन ने नगर पालिका से कर्मचारियों की सूची मांगी है। नगर पालिका में उक्त कर्मचारियों की सूची तैयार की जाने लगी है।
उधर, नगर में वर्णी कालेज से लेकर पुराने नगर भवन तक 102 एलईडी लाइट, 650 सोडियम लाइट, 1,125 ट्यूब लाइट, 130 सीएफएल, 1,064 बल्व और 20 फ्लड लाइटें लगी हुई हैं। कुल 3,099 स्थानों पर लगे उपकरणों को सुधारने, खराब होने पर बदलने के साथ उपकरणों को जलाने और बुझाने के लिए नगर पालिका में आउट सोर्सिंग के माध्यम से 22 कर्मचारी लगे हैं। लेकिन, लगातार बढ़ते भवनों की संख्या को देखते हुए नगर पालिका के सामने जिम्मेदारियां भी बढ़ती चली जा रही हैं। कर्मचारियों की कमी की वजह से प्रकाश व्यवस्था ठीक से नहीं चल पा रही है।
मुहल्ला आजादपुरा, टोरिया मुहल्ला, गांधी नगर, नेहरू नगर, रावतयाना, रामनगर, खिरकापुरा, नदीपुरा, मवेशी बाजार सहित अन्य स्थानों की गलियों में अंधेरा रहता है। इसको देखते हुए नगर पालिका अध्यक्ष सुभाष जायसवाल ने कर्मचारी बढ़ाने का निर्णय लिया। इस संबंध में बोर्ड बैठकों में भी चर्चा की गई, इसके बाद नगर विकास मंत्री को पत्र लिखा गया, जिसमें बताया गया कि नगरीय सीमा का तेजी से विस्तार हो रहा है।
मौजूदा कर्मचारियों को की कमी को देखते हुए 51 नए कर्मचारियों की आवश्यकता है। इसमें सीढ़ी चालक, लाइनमैन और जनरेटर रखरखाव आदि के लिए कर्मचारियों की आवश्यकता है। पिछले दिनों जब मुख्यमंत्री जिले के दौरे पर आए थे, तब भी पालिका अध्यक्ष ने उन्हें नगर के विकास के लिए पत्र सौंपे थे, जिसमें कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की मांग की गई थी। पालिका अध्यक्ष का कहना है कि नगर पालिका को मांग के अनुसार कर्मचारी मिलने से मार्ग प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त होगी।