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मुनि संघ का वर्णीनगर मड़ावरा में हुआ भव्य मंगल प्रवेश

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ललितपुर। वर्णीनगर मड़ावरा में आचार्य विद्यासागर महाराज के परम प्रभावक शिष्य मुनि विमलसागर, मुनि अनंत सागर, मुनि धर्मसागर, मुनिअचल सागर, मुनि भावसागर सहित पांच मुनियों का भव्य मंगल प्रवेश नगर में हुआ। इस दौरान महिलाओं और बालिकाओं ने घरों के बाहर रंगोली बनाई और मुनिसंघ का द्वार-द्वार पर पाद प्रच्छालन किया।
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मुनि के नगर आगमन को लेकर जैन समुदाय एक सप्ताह से तैयारियों जुटा हुआ था और मुनि के आगमन को लेकर बड़ा ही उत्साह था। मुनिसंघ मध्यप्रदेश के ग्राम बरौदिया, मालथौन से विहार करते हुए मड़ावरा में शुक्रवार को नगर प्रवेश हुआ। मुनिसंघ के आगमन का स्वागत वंदन अरिहंत फिलिंग स्टेशन पर हुआ। तत्पश्चात नगर में प्रवेश हुआ। इस दौरान नन्हें-मुन्हें बच्चों का णमोकार सेवा संघ, दिव्यघोष एवं सर्वोदय बालिका मंडल सहित नगर की स्वयंसेवी संस्थाओं का कार्यक्रम को सफल बनाने में विशेष सहयोग रहा।
नगर प्रवेश के पश्चात मुनिसंघ ने नगर के भव्य गगनचुंबी जिनालयों की वंदना की। मुनिसंघ नगर की ह्रदय स्थली श्री महावीर विद्या विहार के विशाल प्रांगण में पहुंचे। वहां पर आचार्य विद्यासागर महाराज के चित्र का अनावरण व द्वीप प्रज्ज्वलन किया गया। मुनिसंघ का पाद-प्रक्षालन किया गया। मुनि संघ का पाद प्रक्षालन करने का सौभाग्य जिनेश्वरदास, प्रकाशचंद्र, राजीव कुमार, आर्जव जैन सौंरया परिवार को प्राप्त हुआ एवं मुनिसंघ को शास्त्र भेंट करने का सौभाग्य सेठ कमलेश जैन परिवार को प्राप्त हुआ। धर्मसभा के पूर्व मंगलाचरण संस्कृति सराफ ने किया। इस दौरान धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि विमलसागर महाराज ने कहा कि गुरुदेव आचार्य श्रेष्ठ विद्यासागर महाराज की कृपा जिसके ऊपर हो जाती है तो अचेतन भी चेतन हो जाता है। गुरु का आशीर्वाद कल्याणकारी सिद्ध हो जाता है।
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चातुर्मास के लिए निवेदन किया
आज धर्मनगरी मडावरा में पहली बार प्रवेश हुआ है। दिगम्बर जैन समाज मड़ावरा ने मुनिसंघ के लिए चातुर्मास के लिए श्रीफल अर्पित कर निवेदन भी किया। संचालन डॉ. राकेश सिंघई और चेतन जैन ने संयुक्त रूप से किया। इस दौरान सकल दिगम्बर जैन समाज मडावरा के अलावा क्षेत्रीय समाज बांदरी, बरोदिया, सौंरई, बम्हौरी, साढूमल, सैदपुर, महरौनी के जैनधर्मानुलंबी मौजूद रहे।
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