दलदल में तब्दील सेमरखेरा स्कूल जाने वाला रास्ता
- फोटो : LALITPUR
मड़ावरा। शासन के निर्देश पर सड़कों का निर्माण कराया जा रहा है लेकिन इसमें कई क्षेत्र ऐसे हैं जहां सड़कों के नाम पर सिर्फ कीचड़ और दलदल है। ऐसे में मड़ावरा विकास खंड के कई गांवों के स्कूलों और स्वास्थ्य केंद्र के आसपास की सड़क जर्जर हालत में है।
विकास खंड के गांव लखंजर, पापरो, जैतुपुरा, बड़वार आदि में बारिश के दौरान जाना संभव नहीं होता है। इधर, ग्राम पंचायत टौरी के सेमरखेरा गांव के स्कूल तक पहुंचा पाना स्कूली छात्रों को मुश्किल में डालता है। बारिश के मौसम में पगडंडी वाला आधा किमी लंबा कच्चा रास्ता कीचड़ से सराबोर हो जाता है। जिसमें घुटनों की गहराई तक कीचड़ और गंदगी हो जाने के चलते कई बच्चे स्कूल ही नहीं पहुंच पा रहे। गौरतलब है कि सेमरखेरा में प्राथमिक एवं जूनियर हाईस्कूल आसपास ही मौजूद हैं। जहां गांव के लगभग 150 बच्चे स्कूल जाने के लिए इस रास्ते से होकर गुजरते हैं। इन बच्चों को दलदल से होकर गुजरना पड़ता है।
वहीं, स्कूल के परिसर में ही आंगनबाड़ी केंद्र भी स्थित है जहां पोषाहार वितरण के दौरान गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को कीचड़ और फिसलन भरे रास्ते से होकर जाना पड़ता है। जिसमें कभी भी दुर्घटना हो सकती है। इस संबंध में टौरी ग्राम पंचायत के नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान हनुमत सिंह ने बताया कि बारिश के मौसम के बाद स्कूल जाने वाले रास्ते पर सोलिंग आदि कार्य कराया जाएगा।
बस्ती से स्कूल तक सोलिंग अथवा पक्का रास्ता बनवाने के लिए ग्रामीणों द्वारा लगातार मांग की जा रही है। चुनाव के समय तो तमाम नेता खूब वादे कर जाते हैं लेकिन जीतने के बाद कोई लौट कर नहीं आया। - सेमरखेरा, प्रानसिंह
स्कूल तक जाने वाला रास्ता उनकी पंचायत टौरी समेत उनके खेतों की तरफ भी जाता है। ऐसे में उस रास्ते पर से होकर गुजरना उनकी मजबूरी है लेकिन दलदल भरे रास्ते में गिरकर कई हादसे भी हो चुके हैं। - राजेंद्र सिंह, सेमरखेरा