ललितपुर। बुधवार को बंधाजी वंदन यात्रा शुरू हुई। इस दौरान आर्यिकाश्री पूर्णमति माता के सानिध्य में श्रद्धालुओं ने पद विहार किया। इस मौके पर धर्मसभा में उन्होंने कहा कि जिन्होंने शास्वत सुख पाया, उनकी शरण ही श्रेयस्कर है।
सांसारिक जीवन से मुक्ति के लिए भक्त प्रभु के चरण में जाते हैं, इसके लिए संत समागम संयोग से होता है।
श्री जैन अटा मंदिर से यात्रा का शुभारंभ किया गया। इसमें श्रद्धालुओं ने पदविहार कर पुण्यार्जन किया। आर्यिकाश्री ने पुण्य को बढ़ाने के लिए आत्म ध्यान को श्रेयस्कर बताया। श्री अटा मंदिर से प्रारंभ हुई अभिनंदन नाथ से अजित नाथ भगवान के दर्शनार्थ वंदन यात्रा के शुभारंभ के पूर्व आर्यिकाश्री जैन नया मंदिर से गाजे- बाजे के साथ श्रद्धालुओं के साथ अटा मंदिर पहुचीं, जहां धर्मसभा को संबोधित किया।
जैन पंचायत के अध्यक्ष अनिल जैन अंचल ने आर्यिकाश्री के चातुर्मास को समाज के लिए पुण्यकारी बताया। इस दौरान ब्रह्मचारी मनोज भैया, अनीता मोदी, गैंदालाल सतभैया, पूर्ति जैन और वंदना जैन ने भी विचार व्यक्त किए।
अतिशय क्षेत्र बंधाजी कमेटी और टीकमगढ जैन समाज के पदाधिकारियों ने आर्यिकाश्री को श्रीफल अर्पित कर वंदनयात्रा का आग्रह किया। वहीं ललितपुर जैन समाज ने आर्यिकाश्री से वंदन यात्रा के बाद ललितपुर में पुन: आने का आग्रह किया। यात्रा में ध्वज पताका लेकर महेंद्र कुमार, अविनाश सिंघई और अब्बू गदयाना चल रहे थे।
दयोदय दिव्य घोष डीके जैन के निर्देशन में चल रहा था। बंधाजी के विशेष रथ में आचार्यश्री का तैल चित्र एवं जिनवाणी मां विराजित थीं। साथ ही गुलाब चंद, अनुराग व अन्नू भैया चल रहे थे।
इससे पहले आर्यिकाश्री के सानिध्य में जैन नया मंदिर में भगवान पार्श्वनाथ की शांतिधारा हुई, जिसमें अनिल कुमार, अक्षय कुमार, अजय अलया, वीरचंद जैन, अभय जैन लोहिया, सोमचंद, राजीव कुमार, प्रेमचंद, मनोज कुमार, संजीव जैन, मुकेश कुमार,
मनीष पंसारी, कपूरचंद, राजकुमार, सुरेंद्र कुमार और राजकुमार जैन, महामंत्री डा. अक्षय टडैया, संयोजक प्रदीप जैन सतरवांस, मनोज जैन बबीना, मुकेश सराफ, राजेंद्र जैन थनवारा, पार्षद पंकज जैन, अक्षय अलया आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।