ललितपुर। नलकूप कनेक्शनों पर ठेकेदारों के बराबर सुपरविजन चार्ज लगाकर किसानों की परेशानी भी बढ़ाई जा रही है। नलकूप कनेक्शनों पर जहां पूर्व में मात्र 15 से बीस फीसदी सुपरविजन चार्ज लगाया जाता था। वहीं, तीन वर्षों से किसानों से 36 फीसदी चार्ज वसूला जा रहा है। ऐसे में किसानों को 25 हजार रुपए से अधिक का बोझ झेलना पड़ रहा है।
विद्युत विभाग द्वारा किसानों को राहत देने के लिए शासन की मंशानुसार नलकूप कनेक्शन पर सामान्य योजना चलाई जा रही है। यह योजना करीब तीन वर्ष पूर्व से संचालित है। इसके तहत नलकूप कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं के लिए दूरी के हिसाब से बनाए गए स्टीमेट में 68 हजार रुपए की छूट का प्रावधान है। तीन वर्ष पूर्व तक स्टीमेट में छूट के बाद 15 से बीस प्रतिशत तक सुपवरविजन चार्ज लिया जाता था। जिसके तहत यदि किसी उपभोक्ता के खेत की दूरी विद्युत लाइन से 200 मीटर है तो उसका स्टीमेट 15 प्रतिशत सुपरविजन चार्ज के हिसाब से 68 हजार रुपए की छूट के बाद करीब 95 हजार रुपए ही भरने पड़ने थे। जबकि, तीन वर्षों से अब तक यह सुपरविजन चार्ज करीब 36 प्रतिशत का प्रावधान कर दिया गया है। ऐसे में सुपरविजन चार्ज अधिक होने से उपभोक्ताओं को नलकूप कनेक्शन के लिए उतनी ही दूरी के एक लाख 23 हजार रुपए भरने पड़ रहे हैं। बिजली विभाग ठेकेदारों पर जितना सुपरविजन चार्ज लगाता है उतना ही किसानों से वसूल रहा है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार किसी योजना में किसानों को नलकूप कनेक्शन देने में 15 प्रतिशत ही सुपरविजन चार्ज लिया जाना चाहिए और पूर्ण योजना में ही 36 फीसदी चार्ज लिया जाना चाहिए। लेकिन यहां तो सामान्य योजना में 68 हजार रुपए की छूट की योजना के बाद भी इतना अधिक सुपरविजन चार्ज लिया जा रहा है। इससे किसानों पर अधिक बोझ पड़ रहा है।
गाइड लाइन के अनुसार ही ले रहे चार्ज
नलकूप कनेक्शनों में सुपरविजन चार्ज एमडी कार्यालय से प्राप्त गाइड लाइन के अनुसार ही लिया जा रहा है। जो सुपरविजन चार्ज निर्धारित किया गया है, वह सामान्य योजना व पूर्ण योजना दोनों पर लागू है।
- एसके गुप्ता, अधिशासी अभियंता विद्युत।