ललितपुर। मानसून की पहली बारिश से जहां किसानों के मायूस चेहरे पर रौनक लौट आई है। वहीं, लोगों को गर्मी से राहत महसूस की। खेतों के लिए भी बारिश अमृत रही। लोगों ने कहा कि पहली झमाझम बारिश में तन और मन दोनों को राहत मिली। हालांकि, शहर में कुछ स्थानों पर जलभराव की समस्या भी देखी गई है।
पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी से लोग बेहाल हो रहे थे। सुबह आठ बजे से शरीर पसीने से तर-बतर होने लगता था। इस दौरान पंखा कूलर भी काम नहीं करते थे, इससे लोगों को गर्मी से छुटकारा नहीं मिल पा रहा था। ऐसे में सभी लोग बारिश होने का इंतजार कर रहे थे। सुबह करीब नौ बजे के आसपास आसमान में काले बादल मंडराने लगे थे। देखते ही देखते बूंदाबांदी होने लगी। कुछ ही देर में बूंदाबांदी झमाझम बारिश में बदल गई। इससे मोहल्ला नेहरू नगर, पठापुरा, तालाबपुरा सहित कई जगहों पर जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई। वहीं, किसान इस बारिश से खुश नजर आए। जिन किसानों की फसलें पानी के अभाव में सूख रही थी, उनके लिए आज की बारिश अमृत साबित हुई है। कई किसानों ने बारिश के पहले बीज खेत में डाले थे लेकिन खेती की नमी गायब होने से वह उग नहीं सके थे। अब किसानों को खेतों में पड़े बीज के उगने की उम्मीद जाग गई है।
रविवार को झमाझम बारिश हुई तो लोगों को छाते निकालने पड़े। बारिश का सबसे ज्यादा आनंद बच्चों ने लिया। उन्होंने छतों से निकले पाइप के पानी में खूब नहाया।
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ग्राम रोड़ा में भी बरसा पानी
कारीटोरन। विकासखंड जखौरा अंतर्गत ग्राम रोड़ा में सुबह बारिश हुुई, इससे खरीफ फसल को फायदा हुआ है। उड़द की फसल व सब्जी सूखने लगी थी। आज की बारिश से फसल के पौधे लहलहा उठे हैं।
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बारिश होने से खेतों को बहुत राहत मिली है। खेतों की नमी खतम हो गई थी, अब थोड़ा सुकून मिला है, पहली बारिश काफी अच्छी रही। गोदिलाल
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उड़द व मक्का की फसल बारिश के अभाव में सूख रही थी। बारिश का बेसब्री से इंतजार हो रहा था, आज भगवान ने किसानों की सुन ली। बाबूलाल
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जितनी गर्मी नौतपा में नहीं पड़ी, उससे ज्यादा इस गर्मी अभी कुछ दिन में पड़ गई। इससे भूगर्भ जल स्तर नीचे खिसक गया था। खेतों की पूरी नमी गायब हो गई थी, ऐसे में फसल मुरझाने लगी थी। सौरभ कुशवाहा
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यदि दो-तीन और बारिश नहीं होती तो फसल सूख जाती। गनीमत रही कि भगवान ने समय रहते पानी बरसा दिया। अब इस बारिश से मुरझाई फसल दुबारा पनप जाएगी।
नत्थू