ललितपुर। विकास खंड बार के ग्राम पंचायत मथुराडांग में मनरेगा के माध्यम से कराए जाने वाले कार्यों के नाम पर धनराशि निकालकर गबन करने के मामले में अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी, तकनीकी सहायक एवं रोजगार सेवक के खिलाफ धोखाधड़ी, गबन, और षड़यंत्र के तहत उपायुक्त श्रम रोजगार रवींद्र वीर यादव ने थाना बार में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
जिलाधिकारी के आदेश पर डीसी मनरेगा रवींद्र वीर यादव ने थाना बार को दी गई तहरीर में बताया कि मनरेगा योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायत मथुराडांग विकास खंड बार में शिकायतों के संबंध में बीते माह 22 सितंबर को संयुक्त विकास आयुक्त झांसी की जांच आख्या में उक्त अधिकारियों व कर्मचारियों पर आरोप है कि तीन बकरी शेड का निर्माण दर्शाया गया है, लेकिन मौके पर कोई शेड नहीं पाया गया। 21/22 सितंबर 2020 की रात में निर्माण सामग्री के कुछ खंडा, बोल्डर, मौरंग डलवाई गई, जबकि 30 नबंवर 2019 से पहले ही धनराशि का आहरण कर लिया गया। दूसरा ग्राम समाज की जमीन पर कूप निर्माण नहीं हुआ, जबकि 2.2 लाख रुपये व्यय हुआ। सिंचाई कूप कुंदन पुत्र रामदीन की दो वर्क आईडी जारी की गई, जिससे 2.23 लाख एवं 3.26 लाख रुपये का व्यय हुआ। इसकी जांच में कूप निर्माण के मटीरियल का भुगतान आपूर्ति से पहले ही कर दिया गया पाया गया। तीसरा सिंचाई कूप श्रीपत पुत्र कुंजी की दो वर्क आईडी पर 1.17 लाख व 0.19 लाख रुपये व्यय किया गया। इसमें खोदाई की पुष्टि तो हुई लेकिन मटीरियल का भुगतान पहले ही होना पाया गया। रतिराम पुत्र रामचरन का कूप निर्माण अधूरा पाया गया, जबकि 2.97 लाख का व्यय कर लिया गया। इसमें मौके पर पंद्रह फीट की खोदाई हुई, जबकि तीस फीट की खोदाई होनी थी और 1,49,792 रुपये सामग्री आपूर्ति के रुप में निकाली गई।
पांचवीं शिकायत में रास्ता मरम्मत नहीं कराया गया, जबकि 1.80 लाख रुपये का फर्जी भुगतान किया गया। छठवीं शिकायत की जांच में ग्राम में कोई तालाब नहीं है। स्थलीय सत्यापन में जांच अधिकारी द्वारा तालाब जीर्णोद्धार का कार्य एवं गहरीकरण का कार्य शून्य है। दोनों कार्यों पर 4.85 लाख रुपये व्यय किया गया। जबकि अनुमानित पचास हजार से अधिक का कार्य नहीं हुआ है। सातवीं शिकायती की जांच में गोशाला निर्माण के नाम पर कोई कार्य मौके पर नहीं हुआ है। जबकि दो इस्टीमेट पास कराकर फर्जी भुगतान किया गया है। गोशाला मथुराडांग में सुरक्षा खाई निर्माण व्यय 1.08 लाख रुपये व्यय होना बताया, जबकि मौके पर कोई सुरक्षा खाई नहीं खोदी गई। गोशाला में भूमि सुधार एवं पत्थर बाड़ी वा 3.63 लाख रुपये का व्यय फर्जी है। अमान पुत्र छत्तू के कूप निर्माण की कोई खोदाई नहीं कराई गई, यह पहले से खुदा हुआ था और इसके मटीरियल पर 1.76 लाख रुपये का फर्जी व्यय किया गया। इसके अतिरिक्त पांच परिजनों के नाम कूप स्वीकृत दिखाकर फर्जी भुगतान किया गया है। वर्ष 2019-20 में पवार पेंटर फर्म के नाम 22 बोर्ड का प्रति बोर्ड 2542.38 रुपये के हिसाब से 55,932 रुपये का भुगतान किया गया है, जो गबन है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।