बांसी। थाना जखौरा के अंतर्गत कस्बा बांसी के बार मार्ग गढ़िया घाट पुल से बृहस्पतिवार की शाम को गिरे युवक का शव 36 घंटे बाद शनिवार की सुबह बरामद कर लिया गया। धक्का देने वाले आरोपी और लापता युवक के परिवार में रंजिश चल रही है।
पुलिस क्षेत्राधिकारी तालबेहट देवेंद्र सिंह के अगुवाई में नाव, डीजल पंप से चलने वाली नाव एवं गोताखोरों की मदद से दिन भर लापता को खोजने के लिए प्रयास चलते रहे। लेकिन, पुलिस को सफलता नहीं मिली। शनिवार की सुबह से फिर खोजबीन शुरू हुई। नाव से शहजाद बांध की तरफ से ढूंढा गया तो नया बार रोड से लगभग पांच किलोमीटर की दूरी पर बांध के भराव क्षेत्र में लापता लालाराम का शव मिल गया। शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम को भेज दिया गया। घटना को लेकर कस्बा और आसपास के ग्रामीणों का जमावड़ा बना रहा। लापता युवक लालाराम विश्वकर्मा की पत्नी जसोदा ने बृहस्पतिवार को ही दो लोगों के खिलाफ पति को धक्का देकर गिराने की तहरीर दी थी, जिस पर पुलिस ने आरोपी किशन लाल और अरविंद के मुकदमा पंजीकृत कर लिया था। कोतवाल तालबेहट मनोज कुमार वर्मा, थानाध्यक्ष जखौरा महेश कुमार, थानाध्यक्ष बार आनंद कुमार पांडेय, थानाध्यक्ष पूराकलां संजय कुमार शुक्ला गढ़िया घाट पर अपने दल बल सहित मौजूद रहे।
बता दें कि लालाराम एवं किशनलाल में रंजिश चल रही थी। रंजिश का कारण मकान का विवाद है। यह दोनों परिवार मूलत: कस्बा के निवासी नहीं हैं। इन दोनों के बीच दो वर्ष पूर्व विवाद शुरू हुआ था। दोनों में राजीनामा हो गया। फिर लालाराम की पत्नी ने किशन, उसकी पत्नी, पुत्र और पुत्री पर न्यायालय के आदेश पर छेड़खानी का मुकदमा लिखवाया था। पुलिस ने किशन और उसके पुत्र पर मिनी गुंडा एक्ट, गुंडा एक्ट और जिला बदर की कार्रवाई की थी। इससे दोनों की रंजिश और गहरा गई थी। किशन की पत्नी ने लालाराम सहित अन्य पर बलात्कार का मुकदमा लिखवाया था। अब यह घटना हो गई है, जो पुलिस के गले की हड्डी बन गई है।