ललितपुर। जिले में खेत तालाब योजना में मिट्टी खुदाई के लिए परेशान हो रहे लोगों के चलते जिला खान अधिकारी ने कृषि विभाग को पत्राचार किया गया है। इसमें खेतों में मिट्टी की खुदाई से पहले खनिज विभाग से अनुमति को अनिवार्य बताया गया है। ताकि अवैध खनन के परिवहन पर नियंत्रण किया जा सके।
गौरतलब हो कि शासन द्वारा जल संचयन और सिंचाई व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए खेत तालाब योजना शुरू की गई है। इससे किसान अपने खेत में तालाब बनाकर बारिश के पानी का संचयन कर सकते हैं। आवश्यकता पड़ने पर बाद में इसी पानी का खेती के लिए प्रयोग लाया जा सकेगा। इससे पानी की किल्लत से जूझ रहे किसानों को पानी की सुविधा हो सके और सुलभता से फसलों की सिंचाई की जा सके। इसके लिए शासन द्वारा कुल लागत का 50 प्रतिशत की सब्सिडी दी जाती है।
लेकिन वर्तमान में गत वर्ष योजना में चयनित किसानों को खेतों में तालाब की खुदाई के लिए परेशानी हो रही थी। कृषि विभाग योजना के लाभार्थियों को खुदाई कार्य कराने के लिए कहा रहा था, तो वहीं खनिज विभाग व पुलिस द्वारा कार्रवाई का भय सता रहा था। इसको लेकर किसान खेतों में तालाब योजना अंतर्गत खुदाई नहीं करा पा रहे थे।
इसके चलते जिला खान अधिकारी द्वारा शासनादेश का हवाला देते हुए उप कृषि निदेशक संतोष कुमार सविता और भूमि संरक्षण अधिकारी को पत्राचार किया गया है। इसमें बताया कि खनिज के परिवहन को नियंत्रण करने के लिए किसानों को तालाब की खुदाई से पहले खनिज विभाग से अनुमति लेना अनिवार्य है। बिना अनुमति के खुदाई करने पर कार्रवाई की जाएगी।
खेत तालाब योजना में परेशान हो रहे किसानों की सुविधा के लिए कृषि विभाग के भूमि संरक्षण अधिकारी व उप कृषि निदेशक को पत्राचार किया गया है।
- शशांक शर्मा, जिला खान अधिकारी