ललितपुर। जनपद में मौरंग के अवैध खनन व कारोबार से लाखों रुपये के राजस्व की चपत शासन को लगाई जा रही है। जनपद में कई बड़े प्रोजेक्ट में मौरंग का उपयोग किया जा रहा है, लेकिन एक भी मौरंग खदान स्वीकृत नहीं है। इसके बावजूद इस अवैध खनन पर खनिज विभाग रोक लगाने में नाकाम साबित हो रहा है।
जनपद में करोड़ों रुपये के मौरंग अवैध खनन के मामले पहले भी उजागर हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद खनिज विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। नगर मुख्यालय से छह किमी दूर ग्राम पटौरा कला में खुलेआम अवैध मौरंग का खनन हो रहा है। ट्रैक्टरों से इस मौरंग को नगर में पहुंचाया जा रहा है। इसके बावजूद इस गोरखधंधे पर कोई रोक नहीं लग पा रही है। जिले में वर्तमान में बांधों व नहरों का निर्माण हो रहा है, जिसके लिए मौरंग का उपयोग हो रहा है, लेकिन संबंधित विभाग से कोई अनुमति नहीं ली गई है। खनिज विभाग की मानें तो केवल घरेलू उपयोग के लिए थोड़ी-बहुत मौरंग का खनन हो रहा है, जबकि हकीकत में कई बड़े प्रोजेक्टों में लाखों टन मौरंग की खपत की जा रही है और विभाग चुप्पी साधे बैठा है।
अवैध खनन कराने के बाद जागे
कुछ साल पहले ललितपुर-सिंगरौली रेलवे लाइन के ललितपुर से उदयपुरा सेक्शन का काम एक कंपनी को मिला था। इस कंपनी को पूरे सेक्शन में मिट्टी का काम करना था, जिस कार्य की लागत 9.29 करोड़ रुपये थी। मिट्टी के करोड़ों रुपए का काम कंपनी ने खनिज विभाग को बिना कोई रायल्टी, लीज इजाजत लिए ही कर दिया था। जब काम पूरा हो गया और कंपनी ने भुगतान पा लिया, तब कहीं जाकर खनिज विभाग जागा और कोर्ट में वाद दायर किया। इसी तरीके से राष्ट्रीय राजमार्ग 26 के निर्माण में भी बिना रायल्टी जमा किए मौरंग का इस्तेमाल निजी कंपनी ने कर लिया और खनिज विभाग को कोई भुगतान नहीं किया गया। आडिट रिपोर्ट में मामला सामने आने पर विभाग जागा और निजी कंपनी को पूरा भुगतान करने का नोटिस जारी किया।
सिंचाई विभाग पर विशेष मेहरबानी
जनपद में वर्तमान में जमडार, भावनी, बंडई व भौंरट बांध का निर्माण कार्य किया जा रहा है। बांधों के निर्माण में साधारण मिट्टी का खनन किया जाता है। इस मिट्टी के खनन को लेकर खनिज विभाग चुप्पी साधे हैं। वहीं, विश्व बैंक की तरफ से जामनी, रोहिणी व सजनाम बांधों की नहरों का पुनरोद्धार किया जा रहा है। करीब 200 किमी से ज्यादा की इन नहरों के लिए भी मिट्टी का खनन किया जा रहा है, लेकिन कोई रायल्टी जमा नहीं की जा रही है।
जनपद में मौरंग की एक भी खदान स्वीकृत नहीं है। समय-समय पर अवैध खननकर्ताओं पर कड़ी कार्रवाई की जाती है। बड़े प्रोजेक्ट के लिए एकमुश्त रायल्टी जमा कराने का प्रावधान है।
- सन्नी कौशल, जिला खनिज अधिकारी