ललितपुर। जिले में धड़ल्ले से बेची जा रही मिलावटी खाद्य सामग्री से लोगों की सेहत खराब हो रही है। इसे रोकने के लिए खाद्य विभाग द्वारा चलाए गए अभियान में 24 सैंपलों में हानिकारक तत्व पाए गए हैं। नौ मुकदमे क्रिमिनल कोर्ट में दायर किए गए हैं। जून माह से अब तक दो लाख अठासी हजार रुपये का जुर्माना अधोमानक के तहत किया गया है।
मिलावटी सामग्री बीमारियों का घर है। इससे लोगों को सचेत करने के लिए समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं। इसके बाद भी कुछ कारोबारी अधिक मुनाफा होने के प्रलोभन में मिलावटी खाद्य सामग्री की बिक्री कर रहे हैं। इनमें दूध, पनीर, खोया, रिफाइंड तेल, मसाला, रंगीन मिठाई, सरसों का तेल, मिर्च, धनिया, हल्दी आदि शामिल हैं। कोरोनाकाल से पहले खाद्य विभाग ने खुला मसाला, रंगीन मिठाई, सरसों का तेल, रंगीन कचरी (पुंगा), मिर्च, धनिया व हल्दी के सैंपल लिए गए। शासन ने खुला मसाला एवं तेल की बिक्री को प्रतिबंधित किया है लेकिन इसकी बिक्री पर रोक नहीं लग पा रही है। पिछले दिनों नझाई बाजार में इसे लेकर एक दुकानदार एवं खाद्य विभाग के अफसरों का विवाद हो गया था। बीते माहों में खाद्य विभाग द्वारा लिए गए 24 सैंपल में शरीर के लिए हानिकारक तत्व पाए गए। इस पर नौ मुकदमों को क्रिमिनल कोर्ट में दायर कराया गया है। वहीं, जून माह से अभी तक दूध, पनीर, खोया, रिफाइंड तेल के सैंपल लिए गए जो अधोमानक व मिस ब्रांडेड पाए गए। इनमें से 33 मुकदमों को एडीएम कोर्ट द्वारा फाइनल किया गया। इन मामलों में संबंधित व्यवसायियों से जुर्माना वसूला गया है। इस तरह 33 मुकदमों में दो लाख अठासी हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया है।
कोरोनाकाल में कोर्ट में मामलों की सुनवाई में देरी हुई। अब क्रिमिनल कोर्ट में मामलों की सुनवाई तेजी से होगी। कई सैंपल में हानिकारक तत्व पाए गए हैं। पिछले दिनों विभाग द्वारा अभियान चलाया गया था, जिसमें कई सैंपल विभिन्न स्थानों से लिए गए। विनय कुमार, अभिहित अधिकारी