सिलावन (ललितपुर)।
प्राथमिक विद्यालय क्योलारी में निर्धारित मेन्यू को दरकिनार कर मध्याह्न भोजन परोसा जा रहा हैं। शुक्रवार को यहां 70 बच्चों के लिए मात्र दो किलो चावल, सात आलू और छह टमाटर से ही मध्याह्न भोजन तैयार कर नौनिहालों को परोसा गया। अभिभावक सवाल उठाते हैं कि इतने में नौनिहालों का पेट कैसे भर सकता हैं। वहीं, आंगनबाड़ी केंद्र की भी ताले नहीं खुलते हैं। अभिभावकों ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराकर मेनू के अनुसार मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराए जाने आंगनबाड़ी केंद्र के ताले खुलवाने की मांग की हैं।
मध्याह्न भोजन योजनांतर्गत विद्यालयों में मध्यावकाश में छात्र-छात्राओं को स्वादिष्ट, पौष्टिक और रुचिकर भोजन प्रदान किया जाता हैं। इसके तहत प्राथमिक स्तर पर प्रति छात्र 100 ग्राम गेहूं या चावल उपलब्ध कराया जाता हैं। साथ खाद्यान्न से भोजन पकाने के लिए परिवर्तन लागत की भी व्यवस्था की जाती हैं। इससे सब्जी, तेल, मसाले और अन्य सामग्रियों की व्यवस्था की जाती हैं। प्राथमिक स्तर पर प्रति छात्र चार रुपये 13 पैसे प्रति दिवस उपलब्ध कराई जाती हैं। प्राथमिक स्तर के नौनिहालों को भोजन में कम से कम 450 कैलोरी व 12 ग्राम प्रोटीन देना आवश्यक हैं। लेकिन में विद्यालयों में ऐसा देखने को नहीं मिलता हैं। इसकी बानगी हैं प्राथमिक विद्यालय क्योलारी। यहां शुक्रवार नियमानुसार 70 छात्र-छात्राओं के सापेक्ष 7 किलों चावल, साढे़ तीन किलो सब्जी, सात सौ ग्राम सोयाबीन की बड़ी और तीन सौ 50 ग्राम तेल से मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराया जाना था। किंतु अध्यापकों ने 70 बच्चों के सापेक्ष मात्र दो किलो चावल, सात आलू और छह टमाटरों से मध्याह्न भोजन पकाकर इतिश्री कर ली। ऐसी स्थिति में नौनिहालों का कैसे पेट भरेगा और कैसे पर्याप्त मात्रा में कैलारी व प्रोटीन मिल सकती हैं, यह विचारनीय हैं। वही क्योलारी स्थित आंगनबाड़ी केंद्र भी कभी कभार खुलने का आरोप ग्रामीणों ने लगाया हैं। इससे जहां सरकार की मंशा पर पलीता लगाया जा रहा हैं। वहीं, इसको लेकर अभिभावकों में भी रोष पनप रहा हैं। उन्होंने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी इस ओर ध्यान आकृष्ट कराते हुए कार्रवाई की मांग की हैं। प्राथमिक विद्यालय क्योलारी तो बानगी मात्र हैं। जनपद के अधिकांश विद्यालयों में मध्याह्न भोजन की यही स्थिति हैं। खासबात तो यह हैं कि विद्यालयों में पके पकाए भोजन की व्यवस्था की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अनुश्रवन एवं पर्यवेक्षण की व्यवस्था हैं। बावजूद इसके मध्यान्ह भोजन योजना में बदस्तूर गड़बड़ी की जारी हैं। जबकि जनपद में इसका नोडल अधिकारी डीएम को बनाया गया हैं।
प्राथमिक विद्यालय क्योलारी में मिड-डे मील की क्या हालत है, इसकी जांच कराई जाएगी। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- संतोष राय, बेसिक शिक्षा अधिकारी