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जिपं सदस्य की चार सीटों पर कांटे का मुकाबला

Sat, 17 Oct 2015 12:23 AM IST
ललितपुर
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ललितपुर। पंचायत चुनाव के तृतीय चक्र में ब्लाक बिरधा के सभी चार जिला पंचायत सदस्य पद के लिए कड़ा मुकाबला है। दिग्गजों की महिलाएं उम्मीदवार बनने से राजनैतिक दलों की इन सीटों पर सीधी नजर है।  
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जिला पंचायत सदस्य पद की इक्कीस में से 14 सीटों पर  उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला मतपेटियों में बंद हो चुका है। अब तृतीय चक्र में जिला पंचायत सदस्य जाखलौन, बिरधा, खितवांस व  बालाबेहट सीट पर 17 अक्तूबर को मतदान होगा। खितवांस सीट पर सपा जिलाध्यक्ष आल्हा प्रसाद निरंजन की पत्नी वंदना देवी,  ग्राम प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष गजेंद्र की पत्नी संतोषी देवी, भाकियू जिलाध्यक्ष भूपेंद्र प्रताप सिंह की पत्नी शकुन राजे, रसरानी, भाजपा से  सरोज देवी, बसपा से सुमन देवी सहित कुल बत्तीस उम्मीदवार मैदान में हैं। बिरधा सीट पर भाजपा से निवर्तमान सदस्य चंद्रशेखर पंथ, मेनका, कांग्रेस नेता हरिकिशन बाबा की पत्नी जमना, पूर्व नपाध्यक्ष रमेश खटीक की बहू जयश्री, बसपा से विक्रम सिंह सहित कुल पच्चीस उम्मीदवार ताल ठोक रहे  हैं। 
जाखलौन सीट पर बसपा के जोनल कोआर्डिनेटर बाबूराम की पत्नी सीमा देवी, ट्रेजरी से रिटायर हुए वंशीधर भाजपा समर्थित उम्मीदवार समेत कुल बाइस उम्मीदवार हैं। बालाबेहट अनुसूचित जनजाति आरक्षित सीट पर कुल अठारह महिलाएं चुनाव मैदान में हैं। खितवांस व बिरधा सीट पर दिग्गजों ने प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिया है, जिससे इन सीटों पर कांटे का मुकाबला हो गया है। यहां के मतदाताओं को रिझाने के लिए हर हथकंडे अपनाए जा रहे हैं, जो  चर्चा का विषय बना हुआ है। यही नहीं, उम्मीदवार जाति गत गणित बैठा रहे हैं। वहीं, जाखलौन और बिरधा सीट पर मतदाताओं की चुप्पी ने उम्मीदवारयें की हवाइयां उड़ा दी हैं। इस तरह चारों सीटों पर उम्मीदवारों में कड़ा संघर्ष होता दिखाई दे रहा है।
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बागियों ने बढ़ाई परेशानीलगभग सभी सीटों पर उम्मीदवारों के लिए असंतुष्ट उनके लिए परेशानी का सबब बन गए हैं। वह अपनी ही पार्टी के समर्थित उम्मीदवार को हराने के लिए सब कुछ दांव पर लगा रहे  हैं। कोई अंधेरे में बैठकर विपक्षी से हाथ मिला रहा है तो कोई पर्दे के पीछे रहकर खेल बिगाड़ने का भरोसा दे रहा है।

रात भर चलेंगी बैठकेंशुक्रवार की रात में बैठकों का दौर चलेगा। इस दौरान न केवल रुठों को मनाने की कोशिश होगी, बल्कि माते और मुखिया के जरिए जीत का दरवाजा खोलने का प्रयास होगा।
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