बांसी (ललितपुर)। थाना जखौरा के अंतर्गत कस्बा बांसी में निजी चिकित्सालय के लिए बस से मंगाए गए दवाइयों के पांच कार्टन गायब करने वाला चोर बांसी पुलिस चौकी ने पकड़ लिया है। उसके पास से दवाइयों के कार्टन भी बरामद हुए हैं। पकड़े गए चोर ने बस के क्लीनर पर मिलीभगत का आरोप लगाया है। झांसी से बांसी जा रहीं इन दवाइयों की कीमत हजारों में बताई जा रही है।
कस्बा बांसी में स्थित जैन क्लीनिक के लिए दवाइयों के पांच कार्टन झांसी से मंगाए गए थे, जो झांसी जेल चौराहे से बांसी लाने के लिए बस की डिग्गी में रखे थे। कार्टन ला रहे सचिन कुशवाहा पांच कार्टन का भाड़ा और अपना किराया देकर बस में बैठ गए। बस बांसी पहुंची तो उसने क्लीनर से दवा के कार्टन निकालने को कहा, लेकिन क्लीनर ने उससे दवा के कार्टन झांसी में ही उतार देने की बात कही इसके बाद बस आगे चली गई।
सचिन ने इसकी सूचना तत्काल बांसी चौकी पुलिस को दी। वहां की पुलिस ने इसकी जानकारी कोतवाली ललितपुर पुलिस को दी। बांसी से क्लीनिक वाले ने भी ललितपुर जाकर बस के क्लीनर से संपर्क किया और बस मालिक द्वारा भी सामान झांसी में उतरवाने की पुष्टी की गई। पीड़ित सचिन ने पुलिस चौकी बांसी में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। जिसके बाद बांसी पुलिस ने जांच पड़ताल करते हुए झांसी जेल चौराहे पर लगे कैमरे के सीसीटीवी फुटेज मंगवाए, जिसमें चार लोग बस से सामान उतारते देखे गए। सचिन ने उनमें से एक युवक को पहचान लिया। पकड़े गए युवक ने चोरी की बात स्वीकार कर ली, जिस पर पुलिस उसे पकड़कर चौकी बांसी ले गई। पकड़े गए चोर का नाम अजय पुत्र मानसिंह निवासी रजपुरा पारौन थाना बार है। चोर ने बस के क्लीनर की मिलीभगत का खुलासा किया है।
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तेरई फाटक पुलिस के अनुसार मानसिक रूप से बीमार मिला पकड़ गया युवक
बांसी पुलिस ने युवक की जानकारी पर अधिकांश माल बरामद कर लिया गया। बांसी पुलिस की पूछताछ में चोर ने आरोप लगाया कि उसने बस के क्लीनर से मिलकर दवाइयों के कार्टन उतारे थे। सुबह वह इसे अपने गांव परौन थाना बार ले गया। उसने कुछ दवाइयां तेरई फाटक लाकर बेचीं। जहां तेरई फाटक पुलिस ने उसे पकड़ लिया लेकिन बाद में छोड़ दिया। इस मामले में चौकी इंचार्ज तेरई फाटक अजय सिंह ने बताया कि चोर से बरामद दवाइयां बांसी पुलिस को दे दी गई हैं। उन्होंने बताया कि चोर के पिता मानसिक रूप से बीमार हैं, चोर खुद भी मानसिक रूप से बीमार है। इसलिए इसे छोड़ दिया गया था।