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न हो फार्मासिस्ट की अनिवार्यता

Wed, 02 Mar 2016 12:58 AM IST
ब्यूराे/अमर उजाला
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ललितपुर। केमिस्ट एसोसिएशन के तत्वावधान में दवा विक्रेताओं ने अपनी दुकानों को बंद कर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने अपनी मांगों की लेकर अवर सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को संबोधित ज्ञापन अपर जिलाधिकारी एम के त्रिवेदी को सौंपा।
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मंगलवार को दवा व्यवसायी हड़ताल पर रहे। इस दौरान उन्होंने ज्ञापन में बताया कि केंद्र सरकार ने दवा व्यवसायियों की लाइसेंस फीस तीन हजार से बढ़ाकर तीस हजार रुपये कर दी है, उन्होंने दुकानों को बंद कर विरोध किया। उन्होंने ड्रग एंड कोस्टमेटिक एक्ट के नियमों का हवाला देते हुए बताया कि दवा निर्माता कंपनियों द्वारा निर्मित दवाओं पर दवा का फुल कंपोजिंग डोज निर्माण तिथि, एक्सपायरी तिथि अंग्रेजी एवं हिंदी भाषा में स्पष्ट से अंकित रहती है और चिकित्सक भी अपने पर्चे पर दवा का नाम लिखते हैं, जो दुकानदार पढ़कर देता है। इसके लिए फार्मासिस्ट की अनिवार्यता नहीं होनी चाहिए। इससे पढ़े-लिखे बरोजगारों को रोजगार मिलेगा और ग्रामीण इलाकों में भी लोगों को आसानी से दुकानों पर दवा उपलब्ध हो सकेगी।

इस दौरान एसोसिएशन जिलाध्यक्ष संभव सिंघई, सुरेश अग्रवाल, अशोक शाह, विमलेश जैन, मनोज जैन, बृजबिहारी उपाध्याय, भगत सिंह गौर, आशीष बबेले, संतोष सेन, नरेंद्र पटैरिया, मनोज सिंह, राहुल चौधरी, सुरेंद्र सोनी, अमर राठौर, विपुल सिंहा, राजेश समैया, अंकुश, दीपक लोहिया, शैलेंद्र, वीरेंद्र जैन, संजय जैन, उमाकांत गुप्ता, रजनीश, विनय सोनी, अनिल, श्याम नाराहट, संजय उपस्थित रहे।
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