धौर्रा (ललितपुर)। ब्लाक बिरधा के ग्राम भारौन में चिकित्सकों की टीम ने पहुंचकर चेचक के मरीजों का उपचार किया। इस दौरान चालीस मरीजों की जांच कर उन्हें इलाज दिया गया।
ग्राम भारौन में करीब दो महीने से चेचक फैला हुआ है। इसको लेकर अमर उजाला ने खबर प्रकाशित की। इसे संज्ञान में लेकर मुख्य चिकित्साधिकारी ने टीम का गठन किया। टीम ने सोमवार को ग्राम भारौन जाकर मरीजों की जांच की और उन्हें उपचार दिया। स्वास्थ्य टीम के प्रभारी डा. हिमांशु साहू ने सभी ग्रामीणों से साफ- सफाई से रहने के लिए कहा। गांव में भी सफाई रखने को कहा।
ग्रामीणों ने बताया कि सहरिया बस्ती में दो हैंडपंप लगे हैं, लेकिन एक हैंडपंप से गंदा पानी निकलता है, जो पीने योग्य नहीं है। दूसरे हैंडपंप के पानी का उपयोग करते हैं, लेकिन यह हैंडपंप चारों ओर गंदगी से घिरा है। हैंडपंप का चबूतरा नहीं बनाया गया है, जिससे कीचड़ ही कीचड़ रहता है। इसी कीचड़ में लगे हैंडपंप का ग्रामीण पानी भरते हैं। इससे बीमारी फैलने का खतरा रहता है।
ग्रामीणों ने बताया कि दो महीने से गांव में चेचक फैला हुआ है, लेकिन गांव में इलाज की कोई सुविधा नहीं है और लॉकडाउन की वजह से कोई साधन नहीं मिलता था, इसलिए करीब दस किलोमीटर तक पैदल चलकर ग्राम धौर्रा इलाज कराने के लिए जाना पड़ रहा है। कई बार वहां भी चिकित्सक नहीं मिलते थे। स्वास्थ्य टीम में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डा. हिमांशु साहू, एएनएम नेहा कटारे, आशा कार्यकत्ी, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक खेमचंद्र , दयासागर मौजूद रहे।
भारौन में जांच करते चिकित्सक- फोटो : LALITPUR