संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय (मेडिकल कॉलेज) को एक सह आचार्य व पांच सहायक आचार्य (एसाेसिएट प्रोफेसर व असिस्टेंट प्रोफेसर) और मिल गए हैं। अब मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसरों की संख्या नौ से बढ़कर 15 हो गई है। साथ ही चार संविदा पर नियुक्त हैं। इस तरह कुल 19 प्रोफेसर हो चुके हैं। अब यहां 34 प्रोफेसरों की और आवश्यकता है, इसके लिए विज्ञप्ति जारी की गई है। जल्द ही अन्य विशेषज्ञ भी मिल जाएंगे। इससे एनएमसी की मान्यता मिलने के साथ सत्र 2024-25 से एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू होने व उपचार की व्यवस्थाओं में सुधार हो जाएगा।
मेडिकल कॉलेज को इसी सत्र 2024-25 से शुरू किया जाना है। इसके लिए भवन निर्माण समेत अन्य कार्यों में तेजी लाई गई है। चिकित्सा महाविद्यालय प्रशासन एनएमसी के मानकों को पूरा करने की तैयारियों में जुटा है। सर्वप्रथम विभिन्न संकाय (विभागों) में आचार्य, सह आचार्य व सहायक आचार्यों (प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर व असिस्टेंट प्रोफेसरों) की नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
बीते माह 15 जनवरी को लखनऊ में हुए साक्षात्कार में चार सहायक आचार्य मिले थे। इसमें एक-एक ऐनेस्थीसिया, नेत्र विभाग, एनाटोमी व ईएनटी के थे। वहीं सात व आठ फरवरी को हुए साक्षात्कार में एक सह आचार्य व पांच सहायक आचार्य मिले हैं। ये सभी प्रोफेसर एक सप्ताह में ज्वाइन कर लेंगे।
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अब 34 प्रोफेसरों की है जरूरत
मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसरों के 53 पद स्वीकृत हैं, इसमें आचार्यों के आठ, सह आचार्यों के 13 और सहायक आचार्य के 18 पद हैं। नौ प्रोफेसरों ने पहले ही ज्वाइन कर लिया था। संविदा के चार प्रोफेसरों ने भी कार्यभार ग्रहण कर लिया है। छह नए मिल गए हैं, जो जल्द ही ज्वाइन करेंगे। इसके बाद अब मेडिकल कॉलेज को 34 और प्रोफेसरों की जरूरत है।
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चिकित्सा महाविद्यालय को एक सह आचार्य व पांच सहायक आचार्य मिल गए हैं, जो जल्द ही ज्वाइन करेंगे। अन्य रिक्त पदों के लिए विज्ञप्ति निकाली गई है। जल्द ही शेष पदों पर नियुक्ति की जाएगी।
- डॉ. द्विजेंद्र नाथ, प्राचार्य, स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय।