पर्यूषण पर्व के दौरान मांस, मछली की दुकानें रखी जाएं बंद
ललितपुर। प्रभावना जन कल्याण परिषद ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर पर्यूषण पर्व के दौरान मांस, मछली की दुकानें बंद रखने की मांग की है। इसमें कहा गया कि जैन धर्म में पर्यूषण पर्व का बड़ा महत्व है। यह 3 से 12 सितंबर तक मनाया जाएगा। इस बीच हिंदू परंपरा का प्रसिद्ध गणेशोत्सव का भी आयोजन होता है।
परिषद के निदेशक डॉ. सुनील संचय ने बताया कि इस पर्व में जैन समुदाय के लोग तप, त्याग और अहिंसा का पालन करते हुए अपनी दिनचर्या में धर्म प्रभावना करते हैं। साधु-संत भी चार्तुमास के दौरान पर्यूषण पर्व पर तप-तपस्या करते हुए अहिंसा धर्म की प्रभावना करते हैं। इस दौरान पर्यूषण पर्व, गणेशोत्सव पर बूचड़खानें व मांस की दुकानों से बिक्री बंद होना चाहिए। उन्होंने पर्यूषण पर्व में बूचड़खाने एवं मांस की दुकानें बंद करवाने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं उप मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन भेजा है। इसमें बताया गया कि न्यायालय के आदेश के बावजूद पर्यूषण पर्व के दौरान बूचड़खाने एवं मांस की दुकानें खुली रहती हैं। सर्वोच्च न्यायालय ने सिविल प्रकरण में पूर्व में जजमेंट दिया है कि पर्यूषण पर्व के दौरान मांस की दुकानें बंद रखीं जाएं। पर्यूषण पर्व आगामी 3 से 12 सितंबर तक रहेगा। जैन धर्म में अहिंसा व जीवों के प्रति अभयदान का विशेष महत्व है। मांग करने वालों में महामंत्री डॉ. निर्मल जैन, अध्यक्ष, सुनील सोजना, मुकेश जैन, शीतलचंद्र जैन, राजेश जैन, सुरेन्द्र जैन, सोमचंद्र शास्त्री, उमेश जैन, पुष्पेन्द्र जैन, प्राचार्य विनीत जैन, संतोष शास्त्री, मनीष शास्त्री, अनिल जैन, अरविंद जैन, अक्षय जैन, सुरेन्द्र सोजना, राजेश रागी, पूर्व प्रधान वीरचन्द्र जैन, अशोक मैनवार, राजकुमार नवागढ़, एडवोकेट सनत जैन, प्रदीप जैन, सुनील प्रसन्न आदि के हस्ताक्षर बने हैं।