बसपा सुप्रीमो मायावती ने विधानसभा चुनाव में भाजपा की भारी सफलता को बेईमानी से मिली जीत बताया है। उन्होंने कहा, यह जीत वास्तविक नहीं है, बल्कि ‘इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन’ (ईवीएम) में गड़बड़ी करके हासिल की गई है। इस बाबत चुनाव आयोग से शिकायत की गई थी लेकिन वहां से मिला जवाब संतोषजनक नहीं है। इसलिए बसपा अब कोर्ट जाएगी और ईवीएम से चुनाव कराने की व्यवस्था समाप्त कर बैलेट पेपर के जरिये मतदान कराने का अनुरोध करेगी।
चुनाव में शिकस्त केबाद पार्टी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं की लखनऊ में बैठक से पहले मायावती बुधवार को पत्रकारों से बात कर रही थीं। उन्होंने कहा, विस चुनाव केअविश्वसनीय परिणाम को देखते हुए बसपा ने चुनाव आयोग से ईवीएम में गड़बड़ी की शिकायत की थी लेकिन आयोग ने जो जवाब दिया है, वह संतोषजनक नहीं है। इसलिए बसपा ने कोर्ट जाने फैसला किया है। बसपा का मानना है कि भाजपा ने 11 मार्च को ईवीएम के जरिये लोकतंत्र की हत्या की है। इसलिए इसके खिलाफ भी बसपा ने आंदोलन छेड़ने का फैसला किया है। यह तय किया गया है कि बसपा कार्यकर्ता हर महीने की 11 तारीख को सूबे के सभी जिला मुख्यालयों और दूसरे राज्य के प्रदेश मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन करके काला दिवस मनाएंगे। इस आंदोलन की शुरुआत 11 अप्रैल से होगी।
बसपा सुप्रीमो ने कहा, विश्व के सभी विकसित देशों में ईवीएम से मतदान की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है क्योंकि इससे निष्पक्ष चुनाव नहीं हो सकता। लेकिन भारत में यह चल रही है। इसे तत्काल समाप्त कर पुरानी व्यवस्था लागू करनी चाहिए। भाजपा की जीत को बेईमानी और धांधली से हासिल की हुई जीत बताते हुए मायावती ने कहा, 325 सीटें जीतने के बाद भी प्रधानमंत्री समेत भाजपा के बड़े नेताओं के चेहरे पर वह उत्साह नहीं दिख रहा जो दिखना चाहिए। वजह, वे भी जानते हैं कि उनकी यह जीत असली नहीं है।
पंजाब, गोवा व मणिपुर के नतीजों पर मायावती ने कहा, यूपी और उत्तराखंड में बेईमानी व धांधली से हुई जीत पर पर्दा डालने के लिए भाजपा दूसरे प्रदेशों के चुनाव परिणामों का हवाला देकर जनता को भरमाने की कोशिश में लगी है। छोटे राज्यों में ऐसा करने पर भाजपा की पोल खुल जाती, इसलिए उसने वहां कोई गड़बड़ी नहीं कराई। भाजपा को मालूम है कि केंद्र की सत्ता का रास्ता यूपी से होकर जाता है, इसलिए यूपी पर फोकस करके बड़े पैमाने पर धांधली कराई गई है।
2019 तक भाजपा नहीं करेगी आरक्षण से छेड़छाड़
मायावती ने कहा कि दलित, आदिवासी व अति पिछड़े समाज को अपने कानूनी अधिकारों के प्रति सचेत रहना होगा क्योंकि अगर भाजपा 2019 के लोकसभा चुनाव में दोबारा सरकार बनाने में सफल रही तो आरक्षण व्यवस्था समाप्त कर देगी। हालांकि, इससे पहले भाजपा आरक्षण से इसलिए छेड़छाड़ नहीं करेगी क्योंकि लोस चुनाव में वह दलितों व अति पिछड़ों को भरमा कर उनका वोट पाने का प्रयास करेगी।
मीडिया पर भाजपा ने कर लिया है कब्जा
मायावती ने मीडिया में भाजपा की जीत को लेकर छप रही खबरों पर भी निशाना साधा। कहा, इसमें पत्रकारों का दोष नहीं है क्योंकि वह तो कर्मचारी हैं, जो मालिक कहता है वह लिखते हैं। मीडिया हाउस के धन्नासेठ मालिकों पर भाजपा ने कब्जा कर लिया है। उन्होंने पत्रकारों से ही सवाल पूछा कि आपने तो हमारी सभाओं में भीड़ देखी होगी, क्या इतने ही वोट मिले होंगे? उन्होंने कहा, हमारे मतदाता भी हैरत में हैं। वे कह रहे हैं कि हमने तो हाथी वाला बटन दबाया था, फिर परिणाम कमल के पक्ष में कैसे निकल रहा है। कहा कि दलित व मुस्लिम बहुल मतदान केंद्रों पर भाजपा को अधिक मत मिलना धांधली की पुष्टि करता है। तीन तलाक से नाराज मुस्लिम महिलाओं द्वारा भाजपा को वोट देने का दावा खारिज करते हुए कहा, अगर ऐसा था तो भाजपा ने एक भी मुस्लिम प्रत्याशी को टिकट क्यों नहीं दिया?
कार्यकर्ताओं को समझाया, ईवीएम में ऐसे हो सकती है गड़बड़
बैठक में पहुंचे कार्यकर्ताओं को ईवीएम के बारे में एक पर्चा बांटा गया। इसमें लिखा था कि देश में ईवीएम की आपूर्ति दो ही कंपनियां करती हैं। बूथ पर भेजे जाने से पहले कंपनी के तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा इसकी जांच की जाती है। जिस समय ईवीएम की सेटिंग की जाती है उस समय जिला प्रशासन का कोई जानकार व्यक्ति वहां मौजूद नहीं रहता। इसलिए अंदेशा है कि ये विशेषज्ञ ईवीएम की सेटिंग मनमाफिक तरीके से कर सकते हैं। चूंकि ये कंपनियां केंद्र सरकार से नियंत्रित होती हैं, इसलिए केंद्र की सत्ता संभालने वाले दल के पास ईवीएम से छेड़छाड़ का पूरा अवसर रहता है। इस बार ऐसा ही हुआ है।