अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। स्टेडियम में ऊंची कूद का अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों को अब परेशान नहीं होना पड़ेगा। जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने हाईजंप मैट (गद्दा), स्प्रिंग बोर्ड और दो जैवलिन उपलब्ध करा दिए हैं। शनिवार को खिलाड़ियों ने इस पर अभ्यास किया।
हाईवे स्थित स्टेडियम में खिलाड़ियों को संसाधनों की कमी से जूझना पड़ रहा था। एथलीट कोच रवींद्र राठौर ने बताया कि पहले खिलाड़ी ऊंची कूद का अभ्यास तो करते थे, लेकिन स्टैंडल रोल शैली से वह अभ्यास नहीं करा पाते थे, क्योंकि इसका अभ्यास गद्दे पर ही होना चाहिए अन्यथा खिलाड़ी को चोट लग सकती है।
उन्होंने बताया कि स्टेडियम से अभ्यास कर रहे बच्चों में जयंती पटेल को राज्य स्तर पर गोल्ड मेडल मिल चुका है, जबकि जूनियर वर्ग में सिद्धार्थ राजा को जनवरी में अहमदाबाद में हुए एथलीट में गोल्ड मेडल मिला था। उसका चयन स्पोर्ट कॉलेज (हॉस्टल) प्रयागराज में हो गया है।
जिला क्रीड़ा अधिकारी रेखा रावत ने बताया कि जिलाधिकारी के निरीक्षण के दौरान खिलाड़ियों की समस्याओं से अवगत कराया था, जिस पर उन्होंने यह सामान उपलब्ध करा दिया है।
जिलाधिकारी के माध्यम से हाईजंप मैट (गद्दा), स्प्रिंग बोर्ड मिलने से अब खिलाड़ी नियमित रूप से कैंची शैली, वेस्टर्न रोल और फांसबरी फ्लोप शैली से ऊंची कूद का अभ्यास कर सकेंगे। वहीं, दो जैवलिन मिलने से खिलाड़ियों के अभ्यास में सुविधा होगी और वह प्रतियोगिताओं में और अच्छा प्रदर्शन कर सकेंगे।
000000000000
15 बच्चे नियमित कर रहे अभ्यास
स्पोर्ट स्टेडियम के एथलीट कोच रवींद्र राठौर ने बताया कि 15 बच्चे ऊंची कूद का नियमित अभ्यास कर रहे हैं। यदि इसी तरह उन्हें सुविधा मिलती रही तो वह स्टेट और नेशनल तक खेल सकते हैं।
000
क्या है बोर्ड
ऊंची कूद में नए बच्चों के पैर जमीन से उछालने का अभ्यास कराने के लिए लगाया जाता है। जब उनके पैर स्वयं उछलने लगते हैं तो उसे हटाकर अभ्यास कराया जाता है।