फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पोस्टमार्टम रिपोर्ट बनी पुलिस के गले की फांस

विज्ञापन
police new - फोटो : police new
विज्ञापन
तालबेहट। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चारों बालकों की मौत का कारण स्पष्ट न होने से पुलिस प्रशासन के लिए एक नई चुनौती खड़ी हो गई हैं। प्राथमिक तौर पर सभी की मौत का कारण पानी में डूबना बताया गया है। जबकि परिवार वाले और ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि चारों बालक एक साथ पानी में कैसे डूबे ? क्या उन्हें किसी ने साजिश के तहत पानी में डुबाया या फिर वह किसी हादसे का शिकार हो गए ? इस रिपोर्ट ने पुलिस के लिए समस्या पैदा कर दी है। फिलहाल लोग इस मामले को हादसा नहीं मान रहे हैं। उधर, पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया। थानाध्यक्ष पूराकलां अमर बहादुर ने बताया कि गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखी जा रही है।
विज्ञापन

-----
जमीन को लेकर चल रहा है विवाद
तालबेहट। पीड़ित पक्ष का अपने ही स्वजनों से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। जो अभी कमिश्नरी में विचाराधीन है। ग्रामीणों ने बताया कि इस विवाद को समाप्त कराने के लिए कई बार प्रयास किया गया परंतु वह सफल नहीं हो सके।
-------
जनपद के कई थानों की मौजूद रही पुलिस
एक साथ चार बालकों की मौत के बाद उठे रहे सवालों के कारण पुलिस प्रशासन पहले से ही सतर्क और चौकन्ना रहा। इसके चलते बुधवार को जब पोस्टमार्टम के बाद चारों बालकों के शव गांव जा रहे थे, उससे पहले ही पुलिस अधीक्षक ने जनपद के कई थानों की पुलिस और सीओ तालबेहट, सीओ पाली, सीओ महरौनी को मौके पर भेज दिया था।
विज्ञापन

-------------------------------------------
हे भगवान किस अपराध के लिए इतनी बड़ी सजा दे दी...
मंगलवार को बच्चों रविंद्र (11 ), बृजेंद्र (7 ), अरविंद (8), और नरेन्द्र (7) के शव देखकर उनकी माओं का बुुुरा हाल था। उन दोनों के आंसू रुकने का नाम ही नहीं ले रहे हैं। दोनों बार-बार यही कह रहीं थीं कि पता नहीं किसने दोनों भाइयों के घर उजाड़ दिए। वह सांत्वना देने वालों से केवल एक ही सवाल कर रही हैं कि भगवान ने उन्हें किस अपराध की इतनी बड़ी सजा दे दी। यदि सजा देनी ही थी तो उन्हें दे देता..।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें