संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। पैथोलॉजी में रीजेंट (तरल पदार्थ) न होने से किडनी और लिवर सहित कई जांचें एक हफ्ते से बंद हैं। प्रतिदिन करीब 350 मरीज बगैर जांच के लौट रहे हैं। जानकारी के बाद भी विभागीय अधिकारी और जनप्रतिनिधि गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं।
जिला अस्पताल में प्रतिदिन एक हजार से 12 सौ मरीज आते हैं। औसतन 800 मरीजों को चिकित्सक जांच की सलाह देते हैं। इनमें लगभग 40 फीसदी मरीजों की जांच नहीं हो पा रही है। कारण जांच मशीन में प्रयोग होने वाले रीजेंट (केमिकल) की कमी हो गई है। अब बिना जांच के मरीजों का उपचार तक नहीं हो पा रहा है।
मरीजों को सैंपल देते हुए नहीं दी जा रही जानकारी
ओपीडी पर्चा लेकर मरीज पैथोलॉजी में जा रहे हैं तो वहां तैनात कर्मचारी सैंपल तो ले रहे हैं, लेकिन उन्हें यह नहीं बताया जा रहा है कि रीजेंट की कमी से कुछ जांचें नहीं हो पाएंगी। ऐसे में एक बजे के बाद रिपोर्ट मिलने पर जब मरीज चिकित्सक के पास पहुंचता है तो पता चलता है कि अमुक जांच नहीं हुई है। इससे मरीज परेशान हो रहे हैं।
यह है रीजेंट
यह एक तरल पदार्थ है, जोकि जांच के दौरान मशीन में खून को फिल्टर कर इसकी जांच में सहायक होता है। इसके न होने से जांच नहीं हो सकती है।
जिला अस्पताल में ये जांचें ठप
डिजिटल एक्सरे लगभग आठ माह से ठप है। अब पैथोलॉजी में केएफटी (किडनी), एलएफटी (लिवर), विटामिन बी3 व विटामिन बी12 जांच भी बंद हो गई है।
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जिला अस्पताल में केएफटी की जांच नहीं हो पा रही है। अब निजी पैथोलॉजी पर जाकर पैसे खर्च कर जांच करानी पड़ेगी।-सुनील कुमार जैन
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अस्पताल में सैंपल देने के बाद इंतजार किया, रिपोर्ट मिलने पर चिकित्सक के पास गया तब बताया कि प्रमुख जांच नहीं हुई है।-शिवचरन
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जिला अस्पताल में जांच बंद होना गंभीर मामला है। इस पर सीएमओ व मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य से बात की जाएगी। जल्द ही व्यवस्थाएं कराकर जांच शुरू कराई जाएंगी।- रामरतन कुशवाहा, सदर विधायक
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पैथोलॉजी में रीजेंट की कमी से जांच बंद होने का मामला संज्ञान में आया है। संबंधित अधिकारियों से चर्चा की जाएगी। जल्द ही जांच शुरू कराई जाएगी।
- मनोहरलाल पंथ, श्रम सेवायोजन राज्यमंत्री
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मुख्यालय से रीजेंट की मांग की गई है। साथ ही पत्राचार किया गया है, जल्द ही रीजेंट आ जाएगा, जिसके बाद जांच शुरू की जाएगी।-डॉ. डीनाथ, प्राचार्य, स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय