संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। अतिवृष्टि के चलते खराब हुई खरीफ की फसलों की राहत राशि में लाखों की हेराफेरी की गई है। लेखपाल ने कुछ लोगों पर आईडी और पासवर्ड हैक कर अपने रिश्तेदारों के खातों में लाखों रुपये ट्रांसफर करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
तहसील महरौनी के मौजा बानपुर चकौरा, खिरिया भारंजू, पाली में तैनात लेखपाल रवि प्रताप सिंह ने पुलिस को तहरीर दी। बताया कि इन दिनों राहत की फीडिंग चल रही है। किसानों को बाढ़ से प्रभावित उड़द की फसल का मुआवजा दिया जा रहा है। ग्राम धवारी निवासी नरेंद्र उर्फ शत्रुघन सिंह ने लेखपालों की आईडी और पासवर्ड हैक कर राहत राशि के पात्र किसानों के बैंक खातों को बदल कर अपने परिवार व रिश्तेदारों का खाता नंबर डाल दिया। यह काम करने के लिए नरेंद्र के पास एक गिरोह है। उन्होंने अन्य लेखपालों के साथ भी इसी प्रकार की धोखाधड़ी की। पुलिस ने नरेंद्र उर्फ शत्रुघन निवासी ग्राम धवारी, दीपक निवासी ग्राम पड़वां और सौरभ उर्फ अल्लू निवासी ग्राम धवारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। सूत्राें के अनुसार आरोपियों ने लाखों रुपये की राहत राशि का हेरफेर किया है। पुलिस कुछ आरोपियों से पूछताछ कर मामले की तह तक जाने में जुटी है।
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रजिस्टर में रखा है खातों में भुगतान का हिसाब : लेखपाल ने दी गई तहरीर में यह भी बताया कि नरेंद्र उर्फ शत्रुघन एक पूरा गिरोह बनाए हुए है। इसके लिए उसने बकायदा एक रजिस्टर बना रखा है, जिसमें पैसों का हिसाब, परिवर्तन करके खातों में भुगतान का हिसाब लिखा हुआ है।
तीन अन्य लेखपालों से भी की धोखाधड़ी : लेखपाल रवि प्रताप ने तहरीर में बताया कि आरोपियों ने उसके साथ ही इस प्रकार की धोखाधड़ी नहीं की है, बल्कि महरौनी के उसके साथी लेखपाल धमेंद्र सिंह, पड़वां के लेखपाल नंदलाल और चौकी के लेखपाल राकेश पटेरिया के साथ भी इसी प्रकार की धोखाधड़ी की है।
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फैक्ट फाइल
- 2.30 लाख किसानों को मिलनी थी राहत राशि
- 1.21 अरब रुपये की राहत राशि मिली थी जनपद को
- 98 फीसदी किसानों के बैंक खातों में भेजी जा चुकी राहत राशि