ललितपुर। जिलाधिकारी ने हौसला पोषण योजना का शुभारंभ गोद लिए ग्राम गौना से किया। इस दौरान अति कुपोषित बच्चों को हलुवा खिलाया गया। डीपीओ ने कहा कि योजना का मकसद गर्भवती महिलाओं एवं अतिकुपोषित बच्चों में कैलोरी एवं प्रोटीन के गैप को कम कर उन्हें कुपोषण से मुक्त करना है।
डीएम डा. रूपेश कुमार ने दीप प्रज्ज्वलन करने के उपरान्त अतिकुपोषित बच्चों को मेन्यू अनुसार हलुवा खिलाकर कार्यक्रम की शुरुआत की। उन्होंने ग्रामसभा में 6 माह से 6 वर्ष के अतिकुपोषित 32 बच्चों को 500 ग्राम घी के पैकेट वितरित किए। इसके पश्चात 3 वर्ष से 6 वर्ष के अतिकुपोषित 18 बच्चों को सायंकाल नाश्ता में बिस्कुट के पैकेटों का वितरण कराया गया। इसके अलावा ग्रामसभा की 69 गर्भवती महिलाओं को मेन्यू अनुसार तहरी एवं दही खिलाया गया। 6 माह से 6 वर्ष के अतिकुपोषित बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं को फलों का वितरण किया गया।
जिला कार्यक्रम अधिकारी दीपिका घोष ने बताया कि उप्र शासन की ओर से गर्भवती महिलाओं एवं 06 माह से 06 वर्ष तक के अतिकुपोषित बच्चों के लिए हौसला पोषण योजना संचालित की जा रही है। इस योजना का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं एवं अतिकुपोषित बच्चों में कैलोरी एवं प्रोटीन के गैप को कम कर उन्हें कुपोषण से मुक्त करना है। योजनार्न्तगत आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं ग्राम प्रधानों के संयुक्त बैंक खाते में धनराशि अंतरित करा दी गई है। योजना में गर्भवती महिलाओं को प्राथमिक विद्यालय में संचालित मिड डे मील मेन्यू के अनुसार गर्म पका भोजन कराया जाएगा।
भोजन बनवाने का दायित्व ग्राम प्रधान का होगा। भोजन के साथ सप्ताह में तीन दिन दही एवं प्रतिदिवस एक मौसमी फल भी खिलाया जाएगा। भोजन खिलाने के पश्चात गर्भवती महिलाओं को एक आयरन की गोली भी खिलायी जाएगी। गर्भवती महिलाओं पर 19 रुपये प्रति लाभार्थी प्रति दिन व्यय निर्धारित है।
इसी प्रकार मुख्य विकास अधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार ने गोद ली गई ग्रामसभा दांवर में योजना का शुभारंभ किया। जिला सूचना अधिकारी/जिला विद्यालय निरीक्षक चंद्रचूड़ दुबे ने गोद लिए ग्रामसभा मडावरा में गर्भवती महिलाओं/6 माह से 6 वर्ष के अतिकुपोषत बच्चों को आंगनवाडी केन्द्रों पर भोजन खिलाया। वहीं, लाभार्थियों को फल एवं 6 माह से 6 वर्ष के अतिकुपोषित बच्चों को घी के पैकेट का वितरण किया गया।
यह मिलेगा
सायंकालीन स्नैक्स में मुरमुरा चना/ग्लूकोज बिस्कुट दिया जाएगा। इन बच्चों को घर पर 20 ग्राम की दर से घी खिलाने के लिए 500 ग्राम के पैकेट प्रत्येक माह दिया जाएगा। अतिकुपाषित बच्चों पर प्रति लाभार्थी 14.00 रुपया प्रतिदिन व्यय होगा।